जम्मू। प्रदेश कांग्रेस के लिए मंगलवार का दिन बड़े झटके वाला रहा। एक तरफ पहली बार जम्मू पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष विकार रसूल और एआईसीसी की जम्मू कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल का जोरदार स्वागत के साथ शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा था तो दूसरी तरफ पार्टी के पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद सहित पांच पूर्व विधायकों ने 70 नेताओं के साथ सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया। इन इस्तीफों को पार्टी हाईकमान को सौंपा गया है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के समर्थन में इस्तीफे देने वालों में प्रमुख रूप से तारा चंद के अलावा पूर्व मंत्री अब्दुल माजिद वानी, बिलावर से पूर्व मंत्री डॉ. मनोहर लाल, पूर्व विधायक ठाकुर बलवान सिंह, सुचेतगढ़ से पूर्व मंत्री चौधरी गारूराम, चेयरमैन रिफ्यूजी कांग्रेस विनोद शर्मा, महासचिव जेएंडके पीसीसी विनोद मिश्रा आदि शामिल हैं। वहीं, महिला प्रधान आईएनटीयूसी किश्तवाड़ राखी देवी, उपप्रधान रतनो देवी, पंचायत सदस्य नसीमा बेगम, कमला देवी, सोमा देवी, संजोगिता देवी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग मौजूदा समय में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है। कांग्रेस के समय जो परियोजनाएं शुरू हुई थीं, वे पूरी नहीं हो पाईं। कांग्रेस भी विपक्ष की भूमिका सही तरीके से नहीं निभा पाई है। कांग्रेस नेतृत्व देश और जम्मू कश्मीर में सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा। हमने आजाद को आगे लाकर नई पार्टी बनाने की पहल की है। 2002 में जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस कमजोर थी, लेकिन आजाद ने यहां आकर उसे मजबूत किया। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। पिछले दो वर्ष से पार्टी में हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, इसलिए हमें पार्टी को मजबूरन छोड़ना पड़ा है। कांग्रेस के अलावा कई अन्य राजनीतिक दलों के लोग लगातार हमसे संपर्क करके आजाद से जुड़ना चाहते हैं। जम्मू कश्मीर में धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ कांग्रेस एक मजबूत फ्रंट बनाएगी। हमारी नई पार्टी भाजपा के साथ नहीं जाएगी। आजाद समर्थक जीएम सरूरी का दावा है कि अभी तक तीन हजार के करीब नेता, कार्यकर्ता, पंचायत, जिला विकास परिषद व स्थानीय निकायों के सदस्य समर्थन दे चुके हैं।