जम्मू। कश्मीर के बाद बुधवार को जम्मू संभाग के विभिन्न निर्माणाधीन स्वास्थ्य ढांचों की प्रगति का तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने निरीक्षण किया। उन्होंने जिला अस्पताल कठुआ, पीएचसी रतनपुर सांबा, सीएचसी नगरी परोल, सीएचसी रामगढ़ और जिला अस्पताल सांबा का निरीक्षण किया। वीरवार को टीम के सदस्य जीएमसी जम्मू, एसएमजीएस अस्पताल जम्मू आदि चिकित्सा केंद्रों का जायजा लेंगे।
टीम में नरेश पंचाल अतिरिक्त डीडीजी, डॉ. रंगनाथ एआर सीएमओ (एनएफएसजी) और डॉ. आशीष भट्ट, राष्ट्रीय सलाहकार एनपीसीडीसीएस प्रकोष्ठ स्वास्थ्य मंत्रालय नई दिल्ली ने जम्मू कश्मीर में निर्माणाधीन स्वास्थ्य ढांचों का निरीक्षण किया। इससे पहले टीम के सदस्यों ने कश्मीर के चिकित्सा केंद्रों का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने डीएच रामबन (मीकू और पीकू), डीएच उधमपुर (बाल वार्ड) का दौरा करने के बाद जम्मू संभाग के अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। एसएमजीएस अस्पताल जम्मू और 500 बिस्तर वाले बाल अस्पताल बेमिना में एक-एक उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलेंस) स्थापित किया जा रहा है। इन केंद्रों में जिला बाल केंद्रों को जोड़कर टेली आईसीयू सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश में 50 से अधिक मातृत्व व बाल आईसीयू केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों का निर्माण होने पर गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर उचित चिकित्सा देखभाल सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में अलग अलग बिस्तर क्षमता के मुताबिक आईसीयू बिस्तर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ बाल हाईब्रिड आईसीयू केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। यह 12 बिस्तर वाले हाईब्रिड आईसीयू होंगे, जिसमें 8 बिस्तर एचडीयू और चार आईसीयू होंगे। ये मेडिकल कालेजों में बनाए जा रहे हैं। इसी तरह 20 से 30 बिस्तरों की क्षमता वाले समर्पित बाल वार्डों को जिला स्तर पर स्थापित किया जाएगा।