जम्मू। अपनी जगह ठेके पर शिक्षक रखने वाली महिला शिक्षक को निलंबित करने के बाद शिक्षा विभाग तमाम सरकारी स्कूलों में जवाबदेही तय कर रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई व्यवस्था को लेकर अब पंचायती नुमाइंदों से फीडबैक लिया जाएगा। पंचायत से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसमें किसी भी तरह की खामी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूलों की जांच के लिए टीमों का भी गठन किया गया है।
किश्तवाड़ के दूरदराज छात्रु इलाके में महिला शिक्षक ने सरकारी प्राथमिक स्कूल में अपनी जगह गांव के एक युवक को तैनात कर दिया था। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में भारी अव्यवस्था की शिकायतें मिलती रही हैं। स्कूलों में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते, जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्यों और क्षेत्र के लोगों से भी फीडबैक लेगा। किश्तवाड़ में सामने आया मामला भी विभागीय टीम के निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया है। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ इलाकों में इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन विभाग किसी भी स्तर पर शिक्षा से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा। पंचायत सदस्यों की भागीदारी से शिक्षा व्यवस्था जवाबदेह बनाई जा रही है।
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किश्तवाड़ से सामने आए मामले में महिला शिक्षक पर कार्रवाई की गई है। शिकायत मिलने पर विभाग ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। पीआरआई सदस्य व क्षेत्र के लोगों द्वारा मिलने वाली शिकायत और फीडबैक पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रवि शंकर शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेेशक, जम्मू
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सरकारी स्कूलों में नहीं शुरू
हो पाई बायोमीट्रिक हाजिरी
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी की व्यवस्था को रजिस्टर के बजाय डिजिटल मोड पर लाने की कवायद ठंडे बस्ते में चली गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था शुरू करनी थी, लेकिन यह शुरू नहीं हो पाई है। बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए समग्र शिक्षा विभाग सॉफ्टवेयर सहित अन्य तैयारी कर रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से शिक्षकों की हाजिरी के प्रति जवाबदेही तय हो सकेगी।