जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जम्मू-कश्मीर का 112950 लाख करोड़ रुपये का बजट यहां के लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ आर्थिक विकास में गति लाएगा। इस बजट से जम्मू-कश्मीर में तेजी से बदलाव होगा। बजट में टिकाऊ, समान विकास, अधिक रोजगार, जीवन की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा, कौशल विकास, बिजली क्षेत्र, पर्यटन, हस्तशिल्प, जनजातीय कल्याण, महिला सशक्तीकरण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया है।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का बजट 2022-23 प्रदेश की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर में जलापूर्ति के लिए 7750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त करते हुए 20 डीडीसी के लिए 10 करोड़ रुपये की दर से 200 करोड़ रुपये और 285 बीडीसी के लिए 25 लाख रुपये की दर से 71.25 करोड़ रुपये विकास कोष के रूप में निर्धारित किए गए हैं। किरू और रतले विद्युत परियोजनाओं के लिए 1206 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। दावों की समय पर प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी प्रतिपूर्ति के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड के पूंजीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुगल रोड के रखरखाव के लिए 28 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसी तरह सीआरआईएफ सड़कों के लिए 400 करोड़, पीएमजीएसवाई सड़कों के लिए 2400 करोड़, नाबार्ड योजना के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। महिला विकास निगम द्वारा आदिवासियों के कल्याण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नई आवासीय कालोनियों के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पुलिस आवास कॉलोनी के निर्माण के लिए 50 करोड़ और राहत व पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मानसर, सुरुईंसर और सूफी सर्किट सहित नए सर्किट के लिए 70 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सीमा क्षेत्र के विकास के तहत 600 करोड़ रुपये, समृद्धि सीमा योजना के लिए 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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डीडीसी, बीडीसी, पीआरआई सदस्यों को कार्यालय मिलेंगे
बजट में डीडीसी, बीडीसी, पीआरआई के सदस्यों के लिए आवासीय/कार्यालय आवास का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 2022-23 के बजट में 176.32 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी
जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी जिलों में वृद्धाश्रम स्थापित किए जाएंगे। सभी विकलांग व्यक्तियों को मोटर चलित तिपहिया साइकिलें प्रदान की जाएंगी। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ट्रांसजेंडरों को पहली बार आईएसएसएस के तहत पेंशन लाभ के लिए शामिल किया गया है।
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29 क्लस्टर मॉडल गांव स्थापित होंगे
जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए प्रदेश में 29 क्लस्टर मॉडल गांव स्थापित किए जा रहे हैं और यह कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
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एलिवेटेड लाइट मेट्रो रेल परियोजना शुरू होगी
शहरी जम्मू-कश्मीर के परिदृश्य को बदलने के लिए आवास व शहरी विकास क्षेत्र के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। जम्मू और श्रीनगर में एलिवेटेड लाइट मेट्रो रेल परियोजना 2022-23 को शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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वैज्ञानिक ढंग से कचरे का निपटान होगा
श्रीनगर और जम्मू शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना से 20 लाख लोगों को लाभान्वित करने के लिए प्रतिदिन लगभग 850 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निपटान करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 76 शहरी स्थानीय निकायों में विकेंद्रीकृत प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसमें लगभग 14 लाख आबादी को लाभान्वित करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों में उत्पन्न होने वाले 690 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक रूप से निपटान किया जाएगा। अगले वित्त वर्ष में 1131.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 9 प्रमुख सीवरेज योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे 620565 लोगों को लाभ मिलेगा।