जम्मू। सौभाग्य योजना में ठेकेदारों और अफसरों द्वारा किए गए लाखों रुपये के हेरफेर की परतें खुलनी शुरू हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिपोर्ट को कोर्ट में जमा करवाया है जबकि कारपोरेशन के पास भी इसकी प्रतियां पहुंची हैं। इसमें विभागीय स्तर पर जांच आरंभ हो गई है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट काफी विस्तृत है। इसमें लाखों रुपये का घोटाला हुआ है। रिपोर्ट का अधिकारी तीन दिनों तक अध्ययन करेंगे। इसके बाद जांच की जाएगी और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
कारपोरेशन के अनुसार कई ठेकेदारों के लाइेंसस रद्द होंगे। वहीं, दर्जनों अधिकारियों को सस्पेंड किया जाएगा। इसी मसले पर एसीबी ने प्रदेश सरकार को अलर्ट नोट जारी किया है। इसमें आरोपी अधिकारियों और अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसकी जानकारी महा प्रशासनिक विभाग के प्रधान सचिव को भी दी गई है।
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क्या है मामला
सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश भर में बिजली के खंभे लगने थे। जिलेवार घोटाले की रिपोर्ट तैयार हुई। इसमें कुल 1 करोड़ 75 लाख 41 हजार 971 रुपये का हेरफेर सामने आया है। गांदरबल जिले में 1.75 करोड़ का हेरफेर किया गया है। यहां पर 2885 खंभे लगाए गए जबकि भुगतान 4298 खंभों का हुआ। अधिशासी अभियंता ने मार्च 2019 तक सौभाग्य पोर्टल पर बिल गलत तरीके से लोड किए। डोडा में 1.03 करोड़ का घोटाला है। यहां पर 13470 खंभे लगाए जबकि 14547 खंभो का भुगतान हुआ। इसी तरह डोडा में भी 31 मार्च 2019 से पहले ही काम पूरा होने के तथ्य को अवैध रूप से लोड किया गया। शुरूआती जांच में 1.03 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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कोट
मसला ध्यान में है। उनके पास भी इसकी फाइल आई है। तीन दिनों तक मसले पर अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद विभागीय जांच होगी। नियमानुसार कार्रवाई अधिकारियों पर की जाएगी।
- शिव आनंद त्याल, एमडी, बिजली कारपोरेशन