जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि फरवरी 2022 तक मेरा अस्पताल पहल के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता पर रोगी प्रतिक्रिया तंत्र प्रणाली को विकसित करें। स्वास्थ्य देखभाल के मानकों में सुधार के लिए मार्च 2022 तक स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली को शुरू किया जाए। डॉक्टर मरीज की पर्ची पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करने के साथ बाजार से ली जाने वाली गैर जेनेरिक दवाओं के बारे में ब्योरा देंगे। मुख्य सचिव ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज और वित्तीय वर्ष के दौरान कैपेक्स बजट के तहत हासिल की गई प्रगति की समीक्षा की।
बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में विशेषकर मातृ और शिशु स्वास्थ्य देखभाल के तहत 422 दवाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्य सचिव ने अस्पताल प्रशासन से अस्पताल परिसरों के प्रमुख स्थानों पर निशुल्क दवाओं की सूची प्रदर्शित करने को कहा। सभी सरकारी सुविधाओं में निशुल्क दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण पर एक रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने कैपेक्स बजट में उपयुक्त प्रावधानों के माध्यम से अगले वित्तीय वर्ष तक डिजिटल नुस्खे शुरू करने पर जोर दिया, जो केंद्र शासित प्रदेश में ई स्वास्थ्य सेवाओं को लागू करने की दिशा में एक कदम आगे होगा। विभाग सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए गुणवत्ता प्रमाण प्राप्त करे। स्वास्थ्य केंद्रों में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखी जाए। जिला सीएपीईएक्स और पीएमडीपी के तहत पूर्ण कि गए कार्यों के संबंध में विभाग को सभी विवरणों और जियो टैग की गई तस्वीरों के साथ पूर्ण परियोजनाओं का एक संग्रह संकलित करने के लिए कहा गया, जिसे सार्वजनिक डोमेन में रखा जाए।