जम्मू। चैत्र नवरात्र का समापन रामनवमी पर कंजक पूजन और साख विसर्जन के साथ हुआ। रामनवमी पर शहर में वीरवार को मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। बावे वाली माता, चंडी माता सहित अन्य मंदिरों में लोगों ने सुबह पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। दोपहर बाद तवी नदी और नहर किनारे ढोल की थाप पर मां के जयकारों के बीच साख विसर्जन किया गया।
मंदिरों के शहर में वीरवार को रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने घर और मंदिरों में मार्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पूजा- अर्चना की। शहर के बावे वाली माता के मंदिर में मेले जैसा माहौल था। भक्तों को प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की सुविधा दी गई थी। मास्क पहनकर ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। अन्य मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ रही।
नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन से ही घरों में साख उगाई जाती है। रामनवी पर भक्तों ने घरों और मंदिरों में कंजक पूजा की। हलवा पूरी और चने का प्रसाद वितरित किया गया। कन्याओं को गिफ्ट भी दिए गए। दोपहर बाद तवी और नहर के किनारे साख विसर्जन करने वालों की भी भीड़ रही। इस दौरान पुलिस बल भी सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए तैनात रहा। तवी किनारे साख विसर्जन करने पहुंची सोनिया ने कहा कि नौ दिनों तक मां भगवती की आराधना की है। आज साख विसर्जन कर मां से सुख समृद्धि और कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की है। उन्होंने कहा कि कोरोना को देखते बच्चों को साथ नहीं लाए हैं।
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पॉलिथीन से भर गईं तवी नदी और नहरें
साख विसर्जन के दौरान बड़ी लापरवाही भी देखी गई। लोगों ने पॉलिथीन समेत साख व अन्य सामग्री प्रवाहित कर दी। तवी नदी वीरवार को पॉलिथीन से भरी दिखी। हालांकि इस दौरान एनजीओ के लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने नदी से पॉलिथीन निकाली और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया।