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गांधीनगर एमसीएच में सर्जिकल सुविधा16 से

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जम्मू। गांधीनगर के नए जच्चा बच्चा कोविड (एमसीएच) अस्पताल में 16 अप्रैल से सर्जिकल सेवा शुरू की जा रही है। एचओडी सर्जरी, आरथो, एनेस्थीसिया, ईएनटी, पेडियाट्र्क्सि को मशीनरी, उपकरणों और कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने को कहा गया है।
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जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने बुधवार को विभागीय अध्यक्षों के साथ बैठक कर एमसीएच अस्पताल में सर्जिकल सेवा शुरू करने की जरूरतों पर चर्चा की। इसमें कोविड और गैर कोविड मरीज चिकित्सा देखभाल पर चर्चा की गई। विभागीय अध्यक्षों को रोस्टर स्तर पर स्टाफ उपलब्ध करवाने को कहा गया। अस्पताल के अधीक्षक को एचओडी और अधिकारियों के साथ सूची को तैयार करने के लिए सलाह करने को कहा गया। सर्जिकल प्रक्रिया में कोविड एसओपी का सख्ती से पालन किया जाएगा। इस अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्पताल के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें 200 बिस्तर की क्षमता है। इसका उद्देश्य कोविड मरीजों की भी सर्जरी इसी अस्पताल में की जाएगी, ताकि जीएमसी और अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों पर संक्रमण का खतरा कम रहे।
नवाबाद जांच शिविर में रोजाना 7-8 संक्रमित मिल रहे
जम्मू। जम्मू शहर के नवाबाद पुलिस स्टेशन के बाहर बुधवार को भी कोरोना टेस्टिंग कैंप जारी रहा। महिला पुलिस कर्मी ने कहा कि लोग बिना टेस्ट के भागने की कोशिश करते हैं लेकिन हम किसी को बिना टेस्ट किए हुए जाने नहीं दे रहे हैं। सक्रिय होकर हमें अपनी ड्यूटी को निभाना है। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर राज कुमारी और सुदेश कुमारी ने कहा कि कोविड टेस्ट कैंप जारी है। प्रतिदिन सात से आठ संक्रमित पाए जाते हैं। जिसकी ज्यादा गंभीर हालात होती है। उसे तुरंत जीएमसी भर्ती करवाया जाता है। कोई व्यक्ति नार्मल होता है तो उसे सीधा घर भेजा जाता है। पंजाब, हिमाचल इत्यादि बाहरी जगहों से आने वाले लोगों के भी शिविर में टेस्ट किए गए। कई लोगों ने कहा कि वह पंजाब से जम्मू-कश्मीर में काम करने आए हैं। उन्होंने हवाला दिया कि कल ही लखनपुर में उनका कोविड टेस्ट किया गया। वह रिपोर्ट निगेटिव आई है। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर राज कुमारी के मुताबिक जिन लोगों क े आज के दिन किसी अन्य जगह पर टेस्ट हुए हैं। उनके टेस्ट नवाबाद शिविर में नहीं किए गए, लेकिन जिनके टेस्ट कल हुए हैं। उनको शिविर से बिना टेस्ट के नहीं जाने दिया गया।
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