जम्मू। प्रॉपर्टी टैक्स, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के खिलाफ सोमवार को राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पक्का डंगा पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन में भी भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करती रहेगी। करीब पौने घंटे बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर कच्ची छावनी में रैली की शक्ल में राजभवन का रुख किया। रैली की सूचना से पहले ही भारी पुलिस बल को बुला लिया गया था। पक्का डंगा पुलिस स्टेशन के बाहर रैली को पुलिस कर्मियों ने रोक दिया, जिसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों को नेताओं सहित पुलिस स्टेशन लाया गया। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन के भीतर नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि कोविड और दूसरी परिस्थितियों के कारण मध्यम और समाज का अन्य वर्ग बुरी तरह से आर्थिक तौर पर प्रभावित है, लेकिन इन चुनौतियों के बीच सरकार ने लगभग सभी घरेलू और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी करके परिस्थितियों को और जटिल बना दिया है। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई चरम पर है।
पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि पार्टी संपत्ति कर के फैसले का विरोध करती है। यह फैसला भाजपा सरकार द्वारा लिया गया है, जो आम लोगों की जेब पर डाका डालने का काम करेगा। पर्यटन, होटल और अन्य व्यवसाय का कोई विस्तार नहीं किया गया है। मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार पेट्रोल और डीजल पर अत्यधिक शुल्क लगाने को भारी उत्साहित रही है। सरकार जनता से जबरन वसूली का काम कर रही है। प्रदर्शन में मनमोहन सिंह, उदय भानू चिब, सन्नी परिहार, रितू चौधरी, संजीव शर्मा आदि शामिल रहे।