पुंछ नियंत्रण रेखा के पार मौजूद आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एक फिर अपने नापाक इरादों में सफल होने लगी है। इसके चलते पुंछ जिले की नियंत्रण रेखा के अधिकतर क्षेत्रों में नारको आतंकवाद अपनी जड़ें जमाने लगा है। हालांकि, नियंत्रण रेखा के उस पार से की जाने वाली नापाक हरकतों को सुरक्षाबल समय-समय पर नाकाम भी कर रहे हैं।
फिर भी कहीं न कहीं बड़ी संख्या में लोग देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं। इसका प्रमाण है कि दो वर्षो में जिले में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा के उस पार से भेजे गए दो सौ किलो से अधिक मादक पदार्थों और भारी मात्रा में हथियार को बरामद किया है।
साथ ही नारको आतंकवाद से जुड़े दर्जनों लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इनमें सबसे बड़ा नारको आतंकी रफी लाला है। उसके घर से 17 किलो मादक पदार्थ, हथियार और ढाई करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई थी।
शाहपुर से दो पाकिस्तानी नारको आतंकियों को भारी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ दबोचा, और एक को मार गिराया गया था। उसके बाद जिले के करमाड़ा में नियंत्रण रेखा पर तीन स्थानीय नारको आतंकियों को 30 किलो मादक पदार्थों, हथियारों और विस्फोटों के साथ दबोचा गया।
अब बगयालदरा में भी तीन दिनों में पांच नारको आतंकी दबोचे गए हैं। गौरतलब है कि जिले में बालाकोट से सावजियां तक करीब 110 किमी लंबी भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा है। इससे सटे दर्जनों गांवों में नारको आतंक अपनी जड़ें जमा चुका है।
इससे बड़ी संख्या में जुड़े लोगों के तार एक तरफ जहां नियंत्रण रेखा के उस पार जुड़े हुए हैं। दूसरी तरफ देश के विभिन्न राज्यों में तस्करों से भी उनके संबंध हैं।