फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर: सवारियों से पूरा नहीं हो रहा पैसा, अब विज्ञापन से JKSRTC करेगी कमाई

Thu, 20 Apr 2023 01:21 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जेकेआरटीसी प्रबंधन ने विज्ञापन लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की हैं। वर्तमान में तकनीकी बोली की जांच हो रही है। इसके बाद वित्तीय बोली शुरू होगी। मई में इस योजना को लागू करने का दावा जेकेआरटीसी प्रबंधन कर रहा है।
विज्ञापन
जेकेएसआरटीसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लगातार घाटे में चल रही जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन अपनी आय बढ़ाने के लिए नई पहल कर रही है। जेकेआरटीसी की बसों की बॉडी का उपयोग अब विज्ञापन के लिए किया जाएगा। इससे सालाना एक करोड़ से अधिक का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। 

विज्ञापन


जेकेआरटीसी प्रबंधन ने इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की हैं। वर्तमान में तकनीकी बोली की जांच हो रही है। इसके बाद वित्तीय बोली शुरू होगी। मई में इस योजना को लागू करने का दावा जेकेआरटीसी प्रबंधन कर रहा है।

अगस्त 2019 से आरटीसी घाटे में चल रही है। पैसे की कमी के चलते कर्मचारियों को समय पर वेतन और सेवानिवृत्त का लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में आरटीसी के राजस्व का स्रोत सिर्फ परिचालन ही है। अब अन्य स्रोत से राजस्व जुटाया जाएगा। जेकेआरटीसी छह सौ से अधिक बसों का परिचालन करता है। 
विज्ञापन


ऐसे में एक साल में एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व विज्ञापन से जुटाने की योजना है। जेकेआरटीसी के एस्टेट विंग के प्रबंधक पवनदीप सिंह ने कहा कि वर्तमान में टेंडर चल रहा है। मई तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इससे आरटीसी का अच्छा राजस्व मिलेगा।

जेकेआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगा हक

कोला की बकाया किस्तें, छठे वेतन आयोग और डीए का बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को ऑल जेएंडके आरटीसी वालंटियर रिटायर्ड इंप्लाइज एसोसिएशन ने आरटीसी महाप्रबंधक कार्यालय रेलवे रोड के बाहर प्रदर्शन किया।

वीआरएस लेने वाले कारपोरेशन के कर्मचारियों ने सरकार पर अपने वायदे से मुकरने का आरोप लगाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज बाली ने कहा कि बकाया भत्ते का भुगतान नहीं किया जा रहा है। 

कर्मचारियों के करोड़ों रुपये सरकार के पास हैं। 24 मार्च को बोर्ड की बैठक हुई थी। इसकी जानकारी हमने महाप्रबंधक से मांगी थी, लेकिन अभी तक जानकारी नहीं मिली है। हमसे कुछ छुपाया जा रहा है। हम एक सप्ताह का दे रहे। अगर मांगें पूरी नहीं हुई, तो फिर से कार्यालय का घेराव करेंगे।

देवराज बाली ने कहा कि आरटीसी प्रबंधन उनका कोला की बकाया किस्तों का बिल नहीं बना रहा। प्रदेश प्रशासन ने इस साल दो जून को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वीआरएस कर्मचारियों के बिल बनाकर उनका भुगतान किया जाए, लेकिन आरटीसी प्रबंधन छठे वेतन आयोग के तहत बकाया बिलों व डीए के बिल नहीं बना रहा। इससे उनका भुगतान रुका हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें