केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि के साथ साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो रही हैं। बीते शनिवार को ही कश्मीर में चार लोगों की मौत बिजली गिरने से हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिक सोनम लोटस का दावा है कि बिजली गिरने की घटनाओं का सीधा संबंध जलवायु परिवर्तन से है।
ऐसे में आसमान पर घने काले बादल होने पर बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादातर होती हैं। ऐसे में लोगों को काले घने बादल होने पर घर या कार्यालय के अंदर ही रहना चाहिए और दूसरों को भी समझाना चाहिए। इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि मई के महीने में प्रदेश में मौसम में जारी उतार चढ़ाव में जलवायु परिवर्तन तेजी से होने से बिजली गिरने की संभावना ज्यादा बनी हुई है। मौसम विज्ञान में हुए शोध से यह बात साबित हो चुकी है कि घने काले बादल होने पर बिजली गिरती है।
कुछ सावधानियां बरत कर हम अपने आपको को सुरक्षित रख सकते हैं। घने काले बादल होने पर जब भी आंधी आती है या तेज बारिश होती तो घर या किसी ठोस संरचना के अंदर चले जाना चाहिए। खुले स्थान पर, पेड़ के नीचे या स्वितिंग पूल में नहीं जाना चाहिए। यदि किसी पर्वतीय स्थानों पर घूमने गए हैं तो चट्टानों से दूर रहें। इस दौरान मजबूत छत या शेड के नीचे खुद को सुरक्षित रखना चाहिए।