फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: महबूबा के विवादित बोल, कहा आतंकी इसी धरती के बेटे

Tue, 15 Jan 2019 09:06 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
Mehbooba Mufti - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक और विवादित बयान दिया है। उन्होंने स्थानीय आतंकियों को इसी धरती का बेटा कहते हुए कहा कि इन्हें बचाने की कोशिश करनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर से बंदूक की संस्कृति को खत्म करने के लिए केंद्र को आतंकी नेतृत्व से बातचीत की पहल भी करनी चाहिए। 
विज्ञापन


पार्टी के कार्यक्रम के बाद मंगलवार को पत्रकारों से उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तथा अलगाववादियों से तत्काल बातचीत की पहल करनी चाहिए। इसी प्रकार आतंकवादी संगठनों से भी बातचीत करनी चाहिए क्योंकि जिसके हाथों में बंदूक है वही इस बंदूक संस्कृति को खत्म कर सकता है। मेरा मानना है कि एक स्टेज पर अलगाववादियों के साथ ही आतंकियों से भी बातचीत करनी चाहिए। हालांकि, आतंकियों से बातचीत अभी जल्दी होगी। 

स्थानीय आतंकियों को हिंसा के रास्ते पर जाने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि 1996 में जबसे वह राजनीति में आई हैं तबसे देखा है कि स्थानीय आतंकी धरती पुत्र हैं। इन्हें बचाने का अधिक प्रयास होना चाहिए क्योंकि वह हमारी धरोहर हैं। यदि कोई मुठभेड़ शुरू होता है तो आतंकी व सुरक्षा बल आमने-सामने होते हैं। उस समय कोई कुछ भी नहीं कर सकता है। 
विज्ञापन


उन्होंने जेएनयू देशद्रोह मामले में कन्हैया और उमर खालिद सहित 10 लोगों के खिलाफ  चार्जशीट दाखिल होने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर वोट की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ  चार्जशीट दाखिल करना बिल्कुल गलत है। ऐसा लग रहा है कि 2019 के चुनाव की तैयारी में रियासत के लोगों को फि र से मोहरा बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव से पहले इसी तरह कांग्रेस ने अफ जल गुरु को फांसी दे दी थी। वह समझते थे कि उन्हें इसी तरह से कामयाबी मिलेगी। अब भाजपा वही दोहरा रही है। आज उन्होंने कन्हैया, उमर खालिद के अलावा जम्मू-कश्मीर के 7-8 छात्रों के खिलाफ  चार्जशीट दाखिल किया है।

 
विज्ञापन

वाजपेयी के रास्ते पर नहीं चल सके मोदी

महबूबा ने कहा कि हमने भाजपा के साथ हाथ मिलाया था क्योंकि उनके पास जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बात करने के लिए जनादेश था। जैसा कि वाजपेयी जी ने पाकिस्तान व हुर्रियत के साथ बातचीत की पहल शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी जी जनादेश होने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर नहीं चल सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें