Jammu Kashmir Election (File)
- फोटो : बासित जरगर
अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण जनसंख्या के आधार पर किया गया है। 2005 तथा 2018 में आरक्षित वार्डों को छोड़कर रोटेशन के आधार पर अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के वार्ड आरक्षित किए गए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार रोस्टर तीन बिंदुओं के आधार पर किया गया है।
पहला सामान्य, दूसरा महिला तथा तीसरा सामान्य वार्ड होगा। इसको अपनाते हुए प्रत्येक निकाय में सामान्य, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति का आरक्षण किया गया है। यदि कोई वार्ड 2005 तथा 2018 में उसी संवर्ग के लिए आरक्षित रहा है तो अगले वार्ड को आरक्षित किया गया है।
रोस्टर जारी होते ही बढ़ी सरगर्मी
नगर निकाय चुनाव के लिए रोस्टर जारी होते ही सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। तमाम वार्डों में चुनाव जीतने के इच्छुक लोगों की ओर से संपर्क साधा जाने लगा है। वार्ड में अपने परिचितों के यहां भी संभावित प्रत्याशी उठने बैठने लगे हैं। इस बीच विभिन्न पार्टियों की ओर से भी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया लगभग शुरू कर दी गई है। भाजपा, कांग्रेस, नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी, आप, बसपा समेत तमाम दलों की ओर से योग्य प्रत्याशियों का चयन करने की कवायद शुरू हो गई है।