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जम्मू कश्मीर: नई पुस्तकों से सजेंगे सरकारी स्कूलों के पुस्तकालय, मिलेंगी विषय वार रेफरेंस किताबें

Thu, 23 Feb 2023 04:28 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

समग्र शिक्षा पुस्तकों की खरीद करने जा रहा है। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के पुस्तकालयों में अब विद्यार्थियों को हर विषय की पांच-पांच रेफरेंस बुक उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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books - फोटो : istock
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विस्तार
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के सरकारी स्कूलों के पुस्तकालय अब नई पुस्तकों से सजेंगे। पुस्तकालयों में विषयवार रेफरेंस बुक के साथ नए संस्करण और नामी लेखकों की पुस्तकें होंगी। स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी और निजी पुस्तक प्रकाशकों से 17 करोड़ रुपये की लागत से पुस्तकें खरीदेगा। नए शैक्षणिक सत्र से पहले तक पुस्तकें खरीद कर स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी। स्कूलों में पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग पुस्तकों की खरीद करेगा।

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स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में किस तरह की पुस्तकें होनी चाहिए, इसके लिए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में विषय वार रेफरेंस बुक उपलब्ध करवाने को कहा था। इसके बाद अब समग्र शिक्षा पुस्तकों की खरीद करने जा रहा है। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के पुस्तकालयों में अब विद्यार्थियों को हर विषय की पांच-पांच रेफरेंस बुक उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसमें एस चांद सहित अन्य लेखकों की रेफरेंस बुक उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

समग्र शिक्षा जल्द ही पुस्तकों की खरीद करने जा रहा है। कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों के लिए पुस्तकें खरीदी जाएंगी। प्राइमरी को पुस्तकालय अनुदान के रूप में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं, जबकि अपर प्राइमरी तक स्कूलों को 13 हजार, हाई स्कूलों को 15 हजार रुपये और हायर सेकेंडरी स्कूलों को 20 हजार रुपये तक का अनुदान होगा। केंद्र शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देश के तहत स्कूलों में पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। पुस्तकालय के लिए खरीदी जाने वाली पुस्तकों में पाठ्यक्रम के साथ अन्य विषय की पुस्तकें भी होंगी।
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64 फीसदी स्कूलों के पुस्तकालयों में नहीं हैं पुस्तकें

प्रदेश के 64 फीसदी स्कूलों के पुस्तकालय में किताबें ही नहीं हैं। प्रदेश के 23 हजार सरकारी स्कूलों में से 15 हजार के करीब स्कूलों के पुस्तकालयों में पुस्तकें ही नहीं हैं। इन स्कूलों में पुस्तकें उपलब्ध हों, इसके लिए विभाग ने एक कमेटी गठित की थी। कमेटी के सदस्यों ने स्कूल शिक्षा विभाग को नए संस्करण और नामी लेखकों की पुस्तकें खरीदने का सुझाव दिया था।

प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए पुस्तकें खरीदी जाएंगी। निजी और सरकारी पुस्तक प्रकाशकों से 17 करोड़ रुपये तक की पुस्तकें खरीदी जाएंगी। ये पुस्तकें स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी। -दीप राज, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा।

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