स्वच्छ हवा और जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक ज्ञान विकसित करने में एयरोसोल विंटर स्कूल की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्वच्छ हवा प्रशासन की प्राथमिकता है। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को जन आंदोलन बनाना चाहिए। लोगों का जीवन और क्षेत्र की प्रगति पर्यावरण के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। ये बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में एयरोसोल विंटर स्कूल-2023 के उद्घाटन कार्यक्रम में कहीं।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विंटर स्कूल में सभी हितधारकों को सिद्धांत व व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन और क्षेत्र की प्रगति पर्यावरण के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
उन्होंने सभी हितधारकों, प्रदूषण नियंत्रण समिति और शहरी स्थायी निकाय को स्वच्छ वायु कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन और जम्मू कश्मीर के जलवायु भविष्य को आकार देने के लिए मिलकर काम करने को कहा। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है। विशेषज्ञों को जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए। क्षमता निर्माण और जन पहुंच पर विभिन्न विशेषज्ञों, शैक्षणिक और प्रशासनिक संस्थानों के बीच समन्वय होने की भी जरूरत है।
हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा और हरित योद्धा व पर्यावरण सैनिक बनना होगा। उप राज्यपाल ने राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क से प्रदेश में संबंधित संस्थानों की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने में सहयोग करने को कहा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण समिति और यूएलबी को विंटर स्कूल अभिन्न अंग बनने को कहा। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, वन विभाग के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता, नेशनल नॉलेज नेटवर्क फॉर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के संयोजक प्रो. सच्चिदानंद और केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. संजीव जैन मौजूद रहे।