उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन सबके लिए सुशासन के सिद्धांत पर काम कर रहा है न कि कुछ चुनिंदा लोगों के लिए। भ्रष्टाचार मुक्त, नशा मुक्त व रोजगार उन्मुख समाज की स्थापना के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर में अब रोजगार की बिक्री के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सब इंस्पेक्टर, वित्त लेखा सहायक व जूनियर इंजीनियर भर्ती में गड़बड़ी करने वाले निश्चित रूप से दंडित होंगे। वे पुंछ में 195 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। इससे जिले के 229 पंचायतों में विकास होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का विशेष ध्यान सीमावर्ती गांवों के विकास पर है। यह सब सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम, समृद्ध सीमा योजना तथा आकांक्षी जिला योजना (एस्पिरेशनल ब्लॉक) के माध्यम से किया जा रहा है। जनजातीय समुदाय लंबे समय से सामाजिक न्याय का इंतजार कर रही थी। जम्मू-कश्मीर में उन्हें न्याय दिलाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। आज हर जनजातीय परिवार को उनका सांविधानिक अधिकार प्रदान कर दिया गया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जनजातीय युवाओं के लिए दक्षता विकास कार्यक्रम यहां शुरू किया गया और दो बैच इसे पूरा कर निकल चुका है।
सिविल सेवाओं, जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवाओं, नीट, जेईई की तैयारी करने वाले जनजातीय समुदाय के बच्चे-बच्चियों की कोचिंग का पूरा खर्च सरकार उठा रही है। जो युवा उद्यमी बनना चाहते हैं उनके लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुंछ का मिनी सचिवालय जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने पीएमडीपी के तहत नूरी छंब पर्यटक स्थल के विकास से जुड़ी परियोजना का भी उद्घाटन किया ताकि पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित किया जा सके।
एलओसी से सटे पुंछ को मिला हॉकी एस्ट्रोटर्फ, 195 करोड़ की परियोजनाएं
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे पुंछ जिले को पहला हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान मिल गया है। अपने पहले दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को पुंछ पहुंचे उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जिले की 229 पंचायतों के चौमुखी विकास के लिए 195 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए।
दोपहर 11.40 बजे मनोज सिन्हा विशेष हेलिकॉप्टर से सैन्य हेलीपैड पर उतरे। जहां पर जिला प्रशासन के अधिकारियों और डीडीसी चेयरमैन ने उनका स्वागत किया। इसके उपरांत उपराज्यपाल ने डीएसपी मंजीत सिंह मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में नवनिर्मित हॉकी एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन कर खिलाड़ियों को समर्पित किया। इसी तरह से स्पोर्ट्स स्टेडियम में बॉक्सिंग हाल एवं बॉक्सिंग रिंग का उद्घाटन किया। एलजी ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशासन की तरफ से आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए विभिन्न विभागों की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी का दौरा कर स्टालों का निरीक्षण किया।
उपराज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीसी, डीडीसी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि 44 वर्षों में आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए इतने कार्य नहीं हुए हैं, जितने दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। हमने आदिवासी समुदाय को नियमित बिजली प्रदान करने के लिए विशेष ट्रांसफार्मर बैंक स्थापित किया है। जिले में आदिवासी समुदाय के लिए 78.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनसे पुल, सड़क, बिजली सब-स्टेशन, स्मार्ट क्लास रूम, 49 मॉडल गांव, लोरन, सुरनकोट, मेंढर एवं मनकोट में आदिवासी बच्चों एवं बच्चियों के लिए छात्रावासों के निर्माण सहित कई परियोजनाएं शामिल हैं।
सीमावर्ती गांवों में संपर्क मजबूत किया जाएगा
वन्य उत्पादों का दोहन करने वाले आदिवासी समुदाय के लिए 14 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे वन उत्पादों के मूल्यवर्धन से स्थानीय सुविधाओं का निर्माण करेंगे और आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाएंगे। उपराज्यपाल ने कहा सीमावर्ती गांवों में आपसी संपर्क को मजबूत करने का हमारा दृढ़ संकल्प है, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से 14 सड़क परियोजनाएं पूरी की जाएंगी।
पुंछ में जल्द ही 20 मोबाइल टावर और एक ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा। उपराज्यपाल ने इस की भी घोषणा की। कहा कि दो वर्षों में प्रशासन ने बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण का लाभ इस सीमावर्ती जिले के दूरस्थ गांवों तक भी पहुंचे। इसके लिए कडे प्रयास किए हैं। पिछले वर्ष पुंछ में कुल 1734 परियोजनाएं पूरी की गईं, जो जिला पूंजीगत व्यय में निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। इस वर्ष जिला कैपेक्स बजट के तहत जिले को विकास कार्यों के लिए 924 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्षों के मुकाबले में तीन गुणा अधिक है। इस वर्ष शुरू की गई 1412 परियोजनाओं में से 80 प्रतिशत काम 31 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। जिले की अपार पर्यटन क्षमता के दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पीएमडीपी के तहत नूरी छंब के पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विकास की परियोजना का भी आज उद्घाटन किया गया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत आदिवासी युवाओं के लिए पुंछ में कौशल विकास शुरू किया गया है और प्रशिक्षण के दो बैच पूरे हो चुके हैं। युवक-युवतियों की कोचिंग का खर्चा सरकार उठा रही है। 1971 के युद्ध में पुंछ को बचाने वाली माली बी को शत शत नमन करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि माली बी जो गुज्जर समुदाय की महिला थीं, उन्होंने देश के लिए दिए गए अमूल्य योगदान एवं उनको श्रद्धांजलि के रूप में सरकारी डिग्री कॉलेज मंडी का नाम रखा जाएगा। युवा पीढ़ी को उनकी प्रेरक गाथा से अवगत कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।