पर्यटन, अर्थव्यवस्था और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जम्मू एयरपोर्ट के लिए नया टर्मिनल बनाने का रास्ता अब साफ हो गया है। एक साल से भूमि अधिग्रहण में रोड़ा बनी पशुपालन विभाग की 240 कनाल जमीन पर बने भवन और ढांचे अब हटाए जाएंगे।
इसके बाद बेलीचराना की तरफ से 974 कनाल भूमि पर बनने वाले नए टर्मिनल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। वर्तमान में रोजाना 24 उड़ानों का संचालन करने वाले जम्मू एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बनने से प्रतिदिन 40 से अधिक फ्लाइटों का संचालन हो सकेगा।
पिछले वर्ष अक्तूबर में प्रशासनिक परिषद (एसी) ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को 974 कनाल दो मरला जमीन के हस्तांतरण की मंजूरी दी थी। भूमि हस्तांतरण के एक साल बाद भी पशुपालन विभाग की 240 कनाल जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा था।
हाल ही में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में पशुपालन विभाग को नगरोटा में इस भूमि की एवज में भूमि आवंटित की गई। अब पशुपालन विभाग की जमीन पर बने भवनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद एएआई टेंडर प्रक्रिया जारी करेगा।
वर्तमान में अधिग्रहण की गई भूमि में चहारदीवारी का काम चल रहा है। नए टर्मिनल में इसकी इमारत के साथ एप्रन, क्वार्टर, कार पार्किंग, बोर्डिंग के लिए काउंटर सहित यात्रियों से जुड़ी अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
लगातार बढ़ता यात्री भार कम करेगा नया टर्मिनल
जम्मू एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री भार को नए टर्मिनल के निर्माण से कम किया जाएगा। वर्तमान में जम्मू एयरपोर्ट से हर महीने एक हजार से अधिक फ्लाइट में औसतन एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। 2021 में कोविड की पाबंदियों के बीच 12 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया था। वहीं, 2020 में यात्रियों की संख्या 9.93 लाख तक रही।
भूमि अधिग्रहण में पशुपालन विभाग की जमीन अड़चन बनी थी। प्रशासन के सहयोग से इस बाधा को अब दूर कर दिया गया है। विभाग की जमीन पर बने भवनों और अन्य ढांचों को हटाया जाएगा। इसके बाद टर्मिनल के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - संजीव कुमार गर्ग, एयरपोर्ट निदेशक, जम्मू