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जम्मू-कश्मीर: जानिए इस वर्ष कब कर सकते हैं विवाह और गृह प्रवेश के शुभ कार्य

Sat, 17 Apr 2021 11:21 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

फिर बजेंगी शहनाइयां, इस वर्ष का पहला मुहूर्त 24 अप्रैल को। शुक्र ग्रह के उदय होने से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, अप्रैल में ही 5 दिन शुभ मुहूर्त।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विवाह और मांगलिक कार्य लंबे समय के बाद फिर शुरू होंगे। शुक्र ग्रह के उदय होने के साथ ही शहनाइयों की गूंज फिर सुनाई देगी। 2021 में विवाह का पहला मुहूर्त 24 अप्रैल को है। श्रीकैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरू और शुक्रतारे का उदय होना एवं शुभ मुहूर्त का होना बहुत अहम माना जाता है। 11 दिसंबर 2020 से लेकर 18 अप्रैल 2021 तक विवाह आदि मांगलिक कार्य नही है। अप्रैल 18 के बाद ही शुभ मुहुर्त शुरू होंगे। पहला 24 अप्रैल को है। अप्रैल माह में ही पांच शुभ मुहूर्त हैं।

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पंचांग के अनुसार विवाह के शुभ मुहूर्त  
अप्रैल 24, 25, 26, 27 और 30
मई  2, 4, 7, 8, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 30 और 31
जून 4, 5, 6, 18, 19, 20, 21, 24, 26, 27, 28 और 30
जुलाई 1, 2, 3, 4, 6, 17, 18, 21, 22, 24, 25, 26, 28, 29, 30 और 31
अगस्त 2, 3, 4, 11, 12, 13, 14, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 30 और 31
सितंबर 1, 8, 9, 10, 11, 14 और 18
अक्तूबर 7, 8, 11, 12, 13, 14, 18, 19, 20, 21, 23, 24 और 25
नवंबर 1, 7, 8, 11, 12, 20, 21, 22, 28, 29 और 30
दिसंबर 1, 6, 7, 8, 9, 11 और 13

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तारा अस्त में सगाई और गृह प्रवेश किया जा सकता है
रोहित शास्त्री के मुताबिक गुरू और शुक्र तारा अस्त के दौरान विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन, शपथ ग्रहण, शिलान्यास, व्रत उद्यापन (मोख), यगोपवीत संस्कार आदि शुभ मांगलिक कार्य करना पूर्ण वर्जित है, लेकिन इस दौरान सगाई कर सकते हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा पुराने या मरम्मत किए गए मकान में गृह प्रवेश के लिए गुरु एवं शुक्र के अस्त काल का विचार नहीं किया जाता।
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रोहित शास्त्री के मुताबिक तारा डूबने या चढ़ने का तात्पर्य तारे के अस्त और उदय से होता है। जैसे सूर्य का उदय और अस्त होना। खगोल के मुताबिक सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक का तारा है जो अपने ही प्रकाश से चमकता है। अन्य ग्रह सूर्य के प्रकाश से ही प्रकाशित होते हैं। भारतीय ज्योतिष में गुरु एवं शुक्र ग्रह को तारा माना गया है।

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