जम्मू-कश्मीर में इंटरनेशनल बार्डर के पास लगाई गई धान की फसल की किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बीएसएफ की तरफ से खेतों तक पहुंचने के लिए कुछ ही वक्त दिया जाता है। उसमें सिंचाई नहीं हो पाती है इस वजह से परेशानी हो रही है। यदि इस समय खेतों की सिंचाई नहीं हुई तो पैदावार पर असर पड़ेगा।
सीमावर्ती गांव नेकोवाल के रहने वाले पूर्व सूबेदार रमेश चंद्र का कहना है कि उनकी फसल बार्डर ओपन पोस्ट (बीओपी) के पास है। फसल से अग्रिम चौकियां काफी आगे हैं, लेकिन शाम 6 बजे के बाद आगे नहीं जाने दिया जाता है। बिजली की इतनी समस्या है कि एक दो घंटे ही बिजली आती है। जिसमें पानी की मोटर न के बराबर चलती है। यदि 6 बजे के बाद भी आगे जाने दिया जाए तो फसल को पानी लगा सकते हैं। पहले भी वह कई बार 6 बजे के बाद पानी लगाने के लिए जाते थे।
गांव निवासी किसान दर्शन लाल का कहना है कि इस समय धान में दाने बनने लगते हैं, लेकिन इसे पानी न मिले तो दाना अधूरा बनता है। इससे पैदावार पर असर पड़ता है। पहले से ही पाकिस्तानी गोलाबारी की वजह से फसल प्रभावित होती है। इसके बाद बिजली की समस्या। सरकारी सिंचाई व्यवस्था भी पटरी से उतरी है। ऐेसे में बीएसएफ की पाबंदियों से भी फसल पर असर पड़ रहा है। देर रात तक नहीं तो कम से रात 9 बजे तक किसानों को फसल तक पहुंचने की अनुमति होनी चाहिए।