भाजपा के प्रभारी तरुण चुघ ने फारूक अब्दुल्ला को पाकिस्तान से बातचीत की वकालत करने के बजाय उमर अब्दुल्ला को चुनावी वादों को पूरा करने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 कभी वापस नहीं आएगा।
प्रदेश भाजपा के प्रभारी तरुण चुघ ने कहा कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते। यदि कोई इसकी वकालत कर रहा है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
विज्ञापन
चुघ ने कहा, डाॅ. फारूक पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की वकालत करते हैं, उन्हें पाकिस्तान का पीआरओ बनने के बजाय अपने बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री को यह सलाह देनी चाहिए कि वह चुनावी वादों को पूरा करें और राज्य की जनता के कल्याण के लिए काम करें। उमर अब्दुल्ला अनुच्छेद 370 पर बयानबाजी सिर्फ इसलिए कर रहे हैं, ताकि उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक उनसे सवाल न करें। चुघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि अनुच्छेद 370 अब इतिहास बन चुका है और यह कभी वापस नहीं आएगा।