अब व्हाट्स एप पर समर्पित नंबर से मैसेज करके आप अपनी मानसिक तकलीफों का समाधान पा सकते हैं। टेली मानव चैट बॉट सेवा में पीड़ित को अपनी मानसिक समस्या को मैसेज के माध्यम से बताना होगा, जिसमें उन्हें उचित समाधान बताया जाएगा। यह देश में मैसेज के माध्यम से शुरू हुई अपनी तरह की पहली सेवा है।
हमारा अंतिम उद्देश्य रोगी केंद्रित देखभाल है। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल व्यक्तिगत रोगियों के शारीरिक और भावनात्मक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करें। जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य पर प्रति व्यक्ति खर्च देश में सबसे ज्यादा है।
हमें आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रगतिशील नियम और कानून बनाने की जरूरत है। आज शुरू की गई नई ऐतिहासिक पहल सभी को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में जम्मू कश्मीर प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में यूटी में समग्र स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इस दौरान सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता आदि मौजूद रहे।
प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र और निमहंस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एलजी ने कहा कि होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र के साथ समझौता प्रदेश में कैंसर देखभाल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। वहीं, एनआईएमएचएएनएस बंगलरू के साथ एमओयू से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण में सुधार होगा।
उपराज्यपाल ने आशा कर्मियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। स्वास्थ्य सेवाओं को सामुदायिक विस्तार में सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जम्मू-कश्मीर भारत सरकार द्वारा अनुमोदित 380 अतिरिक्त आशा कर्मियों और 31 आशा फैसिलिटेटर की भर्ती कर रहा है। विभिन्न जिलों के लिए 334 जनजातीय आशा कार्यकर्ता भी स्वीकृत हैं, जिनका उद्देश्य प्रवासी आबादी के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के प्रयास में जनजातीय आबादी की स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करना है।