म्मू संभाग में जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, बिजली विभाग के अस्थायी कर्मचारी भी मात्र 11 रुपये दिहाड़ी बढ़ने से नाराज हैं।
प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत करीब एक लाख अस्थायी कर्मचारियों ने 11 रुपये दिहाड़ी बढ़ाना मजाक बताया है। इसे लेकर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने 16 मार्च से 72 घंटे की काम छोड़ हड़ताल करने का फैसला लिया है।
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यह हड़ताल पूरे जम्मू संभाग में होगी। पीएचई अस्थायी कर्मचारी संघ के संयोजक रवि हंस का कहना है कि उम्मीद थी कि जम्मू-कश्मीर में नई दिल्ली की तर्ज पर न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत 18000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।
लेकिन यह बढ़ोतरी केवल 9000 से बढ़कर 9330 रुपये की गई है। 300 से बढ़कर 311 रुपये दिहाड़ी करना कर्मचारियों के साथ भद्दा मजाक है। इसे मंजूर नहीं किया जा सकता। प्रदेश में जलशक्ति विभाग के 30 हजार तक अस्थायी कर्मचारी हैं।
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जम्मू संभाग में 20 हजार 90 और कश्मीर संभाग में 9670 अस्थायी कर्मी हैं। जम्मू संभाग में जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, बिजली विभाग के अस्थायी कर्मचारी भी मात्र 11 रुपये दिहाड़ी बढ़ने से नाराज हैं।
उनकी मांग है कि अस्थायी कर्मचारियों की दिहाड़ी 600 रुपये करने के साथ उन्हें नियमित किया जाए। यूनियन के अध्यक्ष अखिल शर्मा के अनुसार प्रदेश में बिजली विभाग में 12 हजार अस्थायी कर्मचारी हैं।