जम्मू-कश्मीर के गुज्जर मुस्लिम समुदाय को राज्यसभा में नुमाइंदगी मिली है। भाजपा नेता गुलाम अली खटाना को राष्ट्रपति ने राज्यसभा सदस्य के रूप में नामित किया है। माना जा रहा है कि राज्यसभा में गुज्जर समुदाय को पहली बार प्रतिनिधित्व मिला है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 में क्लॉज (1) के सब क्लॉज (ए) के तहत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए गुलाम अली को राज्यसभा के एक नामित सदस्य की सेवानिवृत्ति से खाली पद के लिए नामित किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुलाम अली खटाना को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने पर बधाई दी है। खटाना को नामित किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुच्छेद 370 हटने से पूर्व गुज्जर समुदाय को विधायी संस्थाओं में बहुत कम प्रतिनिधित्व मिलता था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (तीन) के साथ पठित खंड (एक) के उप-खंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति एक मनोनित सदस्य के सेवानिवृत्त होने से रिक्त हुई जगह को भरने के लिए गुलाम अली को राज्यसभा के लिए नामित करती हैं।
इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि अनुच्छेद-370 हटाए जाने से पहले इस समुदाय का विधायी निकायों में काफी कम प्रतिनिधित्व था। केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया था। इसके साथ ही तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य से दो केंद्र-शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का गठन कर दिया था।