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जेके बैंक विधायिका के दायरे में लाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगी सरकार: राज्यपाल

Wed, 05 Dec 2018 12:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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governor satyapal malik - फोटो : फाइल
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राज्य सरकार जेके बैंक को विधायिका के दायरे में लाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगी। बैंक का बोर्ड उससेे जुड़े सभी निर्णयों को लेने तथा कार्यान्वित करने का उपयुक्त मंच है। इस मोर्चे पर कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने आए बैंक कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल की ओर से व्यक्त की गई चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान की स्वायत्तता और संचालन स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।  कर्मचारियों को किसी भी परिस्थिति में उनके रोजगार, भविष्य की संभावनाओं या वेतन संरचना के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए। 
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राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि जहां तक पीएसयू मामले का सवाल है तो आरबीआई जम्मू एंड कश्मीर बैंक का नियमन एक पुरानी पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंक की तरह करता है। इसका नियमन रजिस्ट्रार ऑफ  कंपनीज द्वारा किया जाता है क्योंकि कंपनी कानून के तहत यह एक सरकारी कंपनी है। सेबी इसका नियमन एक सूचीबद्ध कंपनी के तौर पर करता है। आरबीआई, सेबी और रजिस्ट्रार ऑफ  कंपनीज द्वारा इसका नियमन जारी रहेगा। इसमें न तो कोई बदलाव किया जा रहा है और न ही ऐसा कोई विचार है। 

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर बैंक कंपनी अधिनियम के तहत एक सरकारी कंपनी के रूप में पंजीकृत है। पीएसयू शब्द का कोई कानूनी अर्थ नहीं है। यह एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है। इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया जा रहा है। एक सरकारी कंपनी के रूप में बैंक सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण है। इसलिए यह आरटीआई के पारदर्शिता प्रावधानों के अधीन है। इस संबंध में कुछ नया लागू नहीं किया जा रहा है। यह लंबी अवधि में बैंक के लिए पारदर्शिता अच्छी है।
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क्या है मामला

पिछले महीने राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड को एक पीएसयू के रूप में मानते हुए इसे सूचना का अधिकार कानून के दायरे में लाने, मुख्य सतर्कता आयुक्त के दिशा निर्देशों व राज्य की विधायिका के दायरे में लाने संबंधी एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। एसएसी के इस फैैसले का मुख्यधारा के राजनीतिक दलों, अलगाववादियों और व्यापार संगठनों ने आलोचना की थी। 

नेकां, पीडीपी व पीसी ने किया स्वागत
राज्यपाल के बयान का नेकां, पीडीपी व पीपुल्स कांफ्रेंस (पीसी) ने स्वागत किया है। नेकां के महासचिव अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता रफी अहमद मीर तथा पीपुल्स कांफ्रेंस अध्यक्ष सज्जाद लोन ने एसएसी के निर्णयों पर पुनर्विचार के फैसले का स्वागत किया है। 
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