जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए यह सुनहरा अवसर आया है। दिल्ली के हर मंत्रालय ने अपना पिटारा खोल रखा है। इसलिए इस मौके को जम्मू-कश्मीर के लोगों को गंवाना नहीं चाहिए। वह शनिवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के नींव पत्थर और हेल्थ एंड वेलनेस सेंसर के ई उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
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राज्यपाल ने कहा कि गृह मंत्री जम्मू-कश्मीर के सरपंचों और पंचों से पूछ रहे हैं कि क्या करना है? यह एक सुखद संदेश है। कश्मीर में 3 रुपये किलो वाले सेब को सरकार 15 रुपये में खरीद रही है, लेकिन सेब वालों को पाक परस्त जो लोग धमकियां दे रहे हैं, सेब वाला मरे या न मरे, वे जरूर मरेंगे। उन्होंने कहा कि 800 नए डाक्टरों का इंतजाम किया गया है।
इससे राज्य में 4500 डॉक्टर हो जाएंगे। देश के कोई भी राज्य ऐसा नहीं है, जहां एक साथ आठ मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में पांच मेडिकल कालेजों की नींव रखी गई है। उधमपुर और हंदवाड़ा पर काम हो रहा है। लेह में एक मेडिकल कॉलेज के लिए भी हफ्ते के भीतर केंद्र को चिट्टी भेजी जाएगी।
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मरीजों के लिए चौबीस घंटे मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो
राज्यपाल सत्यपाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए मशीनों और अन्य दूसरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जाए। कई डाक्टरों द्वारा जानबूझ कर मशीनें खराब करने का पेंच रहता है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। कैंसर इंस्टीट्यूट में पेट स्कैन सहित अन्य मशीनें चौबीस घंटे उपलब्ध रहें। इसके लिए अतिरिक्त उपकरणों की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। राज्यपाल ने कहा मेरी पत्नी की कैंसर से 11 साल की लड़ाई के बाद आठ वर्ष पहले मौत हुई थी। तब मुझे पेट स्कैन के लिए मुंबई तक जाना पड़ता था। कैंसर की तकलीफ मैं अच्छी तरह समझ सकता हूं। इस बीमारी में मरीज के साथ तीमारदार चार गुणा अधिक तकलीफ में होता है। मरीज के साथ तीमारदार रोज मरते हैं। कैंसर के बुनियादी इलाज के लिए जरूरी है कि उसका समय पर पता चल जाए और उचित इलाज मिल जाए।
राज्यपाल ने राज्य कैंसर संस्थान की नींव रखी, किया 196 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का ई-उद्घाटन
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में हुए एक समारोह में राज्य कैंसर संस्थान का ई-नींव रखी। इसके साथ ही 196 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का ई-उद्घाटन किया। इस दौरान 2022 तक शिशु मृत्यु दर को सिंगल डिजिट पर लाने के लिए नीति दस्तावेज को जारी किया।
100 बिस्तर वाले राज्य कैंसर संस्थान का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने 120 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। संस्थान में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, आईसीयू, पैलिएटिव केयर सर्विसेज, कैंसर पुनर्वास सेवाएं, कैंसर मनोरोग सेवा आदि यूनिट स्थापित किए जाएंगे। चार मंजिला इस भवन में अत्याधुनिक उपकरण में लीनियर एक्सलरेटर, पीईटी स्कैन, ब्रैकीथेरेपी, 4डी सीटी सिम्यूलेटर के साथ-साथ पैथोलॉजी लैब आदि स्थापित किए जाएंगे।
जम्मू में आधुनिक कैंसर चिकित्सा सुविधाएं विकसित होने से रोगियों को विशेष रूप से पीईटी स्कैन सुविधा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राज्य कैंसर संस्थान की कवायद 2014 में शुरू की गई थी, जिसमें वर्ष 2018 के अंत में दोनों इंस्टीट्यूट को मंजूरी मिली थी। इस दौरान पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर, सलाहकार केके शर्मा, के विजय कुमार, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय सचिव अटल डुलू आदि मौजूद रहे।
दस साल से लटके पड़े 200 डीएसपी को किया पदोन्नत, आतंकवाद से लड़ने वालों का रुका था प्रमोशन
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कठुआ में जीएमसी के उद्घाटन समारोह में कहा कि आतंकवाद से लड़ने वाले जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों की लंबे समय से पदोन्नति लटकी हुई थी। पिछले दस साल से जम्मू कश्मीर पुलिस के 200 डीएसपी की पदोन्नति रुकी हुई थी।
जम्मू एयरपोर्ट पर तैनात एक डीएसपी को आतंकवादियों से लड़ते हुए दस गोलियां लगी हैं, लेकिन उसकी पदोन्नति दस साल से रुकी थी। ऐसे में तत्काल फैसला लेते हुए 200 डीएसपी पदोन्नत कर दिए गए हैं और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि आगे से पदोन्नति न अटके।
रोशनी एक्ट के नाम पर बड़े-बड़े लोगों ने जमीनें हथियाई थीं, उसकी एसीबी के जरिए जांच बैठा दी है। धांधली करने वाला बड़े से बड़ा आदमी भी अब नहीं बचेगा।