जम्मू शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए नई सरकार के गठन के बाद चुनौती बढ़ने वाली है। वीआईपी मूवमेंट में वृद्धि और सरकारी कर्मचारियों के जम्मू आने से शहर में वाहनों का बोझ बढ़ जाएगा, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
हाल ही में यातायात पुलिस ने इस समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शहर में चारों ओर सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण का काम जारी है, जिसके कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि जब तक सड़कों की हालत में सुधार नहीं होगा, तब तक जाम से निजात पाना संभव नहीं है।
नई सरकार में शामिल मुख्यमंत्री, मंत्री और विधानसभा जाने वाले 90 विधायकों के साथ लगभग एक हजार वाहनों की वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा, सचिवालय से सरकारी विभागों में पूरे प्रदेश से लोगों का आना-जाना जारी रहेगा। इस प्रकार, हर दिन शहर में पांच हजार अतिरिक्त वाहनों की मूवमेंट होने का अनुमान है।
यातायात पुलिस ने जाम की स्थिति को संभालने के लिए अभी से तैयारी करने की बात कही है, लेकिन उनके अनुसार, मौजूदा सड़कों की स्थिति सुधारने के बिना समस्या का समाधान करना मुश्किल है। जम्मू में यातायात की इस बढ़ती चुनौती के बीच, स्थानीय निवासियों ने सरकार से त्वरित उपाय करने की अपील की है ताकि जाम की समस्या को जल्द से जल्द हल किया जा सके।