नगर निगम और शहरी निकाय सीमा में संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर निर्धारित संपत्ति कर लिया जाएगा। इसके लिए आवास व शहरी विभाग ने अनुमानित एक सर्वे भी करा लिया है।
जम्मू-कश्मीर सरकार अगले वित्त वर्ष से संपत्ति कर के जरिये प्रदेश के सभी 20 जिलों से अनुमानित 120 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाएगी। नगर निगम और शहरी निकाय सीमा में संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर निर्धारित संपत्ति कर लिया जाएगा।
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इसके लिए आवास व शहरी विभाग ने अनुमानित एक सर्वे भी करा लिया है। इसमें अलग अलग संपत्ति क्षेत्रों से विभिन्न दरें तय की गई हैं। नई संपत्ति कर व्यवस्था में 78 नगर निकायों के भवन दायरे में आएंगे। नई व्यवस्था में सभी को अपनी संपत्ति का स्वयं मूल्यांकन करने का मौका दिया जाएगा।
नए वित्त वर्ष में संपत्ति कर को लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारी की जा रही है। नई कर व्यवस्था में दो किश्तों में कर जमा करने का प्रावधान रखा गया है। इसमें निर्धारित समय पर कर जमा न करने वालों पर जुर्माना का भी प्रावधान रहेगा।
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पहले चरण में तीन साल के लिए एक अप्रैल 2023 से नई कर व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि विभाग की ओर से एक हजार वर्ग फुट क्षेत्रफल में बने आवासीय परिसर में संपत्ति कर से छूट से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन पाश कालोनियों में बड़े आवासीय क्षेत्रों के हिसाब से संपत्ति कर देना होगा।
आवास व शहरी विभाग के प्रधान सचिव एच राजेश प्रसाद के अनुसार संपत्ति कर के लिए सर्वे किया गया है, लेकिन यह अलग अलग इलाकों के हिसाब से है। इसमें आने वाले राजस्व से आधारभूत ढांचों में बढ़ोतरी होने के साथ सुविधाओं का विस्तार होगा।