जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक वाहन सेवा किराये में 30 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ आज से शुरू हो रही है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी लेकिन कोरोना संकट तक ही जारी रहेगी। प्रदेश के ट्रांसपोर्टर लंबे समय से 50 प्रतिशत किराया बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इस बीच ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने बुधवार से तीन महीने बाद सार्वजनिक वाहन चलाने का एलान किया है। किराया बढ़ोतरी से यात्रियों की जेब ढीली होगी। मेटाडोर का न्यूनतम किराया अब आठ रुपये होगा, जो पहले छह रुपये था।
यह भी पढ़ेंः बात उस बेली ब्रिज की जिसकी वजह से बौखलाया है चीन, जानिए सबसे पहले इसे किसने और कब बनाया?
सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवा को 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिचालन की अनुमति दी है। इस वजह से प्रदेश के निजी ट्रांसपोर्टर यात्री किराये में बढ़ोतरी की मांग को लेकर लंबे समय से हड़ताल पर थे। यात्री किराये में बढ़ोतरी के लिए परिवहन विभाग ने कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यात्री किराये में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
यह भी पढ़ेंः भारतीय सेना को बेहद घातक बनाती हैं ये राइफल, पलक झपकते ही दुश्मन हो जाता है ढेर
ट्रांसपोर्टरों की बैठक आज, चालकों को जारी किए जाएंगे दिशा-निर्देश
प्रदेश में तीन महीने 23 दिन बाद बुधवार से 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू होगी। इसमें मेटाडोर, बसें, ऑटो और टैक्सी सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन शामिल हैं। कोविड-19 के कारण 18 मार्च से सार्वजनिक परिवहन सेवा पर पाबंदी लगाई थी।
यह भी पढ़ेंः मेजर शैतान सिंह, जिन्हें यादकर थर्रा उठता है चीन, 120 सपूतों ने 1300 चीनियों को उतारा था मौत के घाट
एसोसिएशन के चेयरमैन टीएस वजीर ने कहा कि यात्री किराये में बढ़ोतरी के फैसले का स्वागत है। हमारी एकजुटता व संघर्ष के कारण सरकार को जायज मांगों को मानना पड़ा।
किराया बढ़ाने के अहम कारण
- सरकार द्वारा प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सेस बढ़ाना
- ट्रांसपोर्टरों की लगातार चलती आ रही हड़ताल
- जरूरी सेवा से जुड़े वाहनों का परिचालन बंद करने की धमकी
- तीन महीने से सार्वजनिक परिवहन सेवा का पूरी तरह बंद रहना