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Omar Abdullah: रिहाई के बाद उमर अब्दुल्ला बोले- महबूबा सहित सभी को रिहा करे सरकार

Tue, 24 Mar 2020 02:21 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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फारूक अब्दुल्ला के साथ उमर अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया। वह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद थे। बाद में उन पर पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट भी लगा दिया गया था, जिसे अब हटाया गया।

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उमर की रिहाई का आदेश आज यानी कि मंगलवार को आया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इसके बाद उमर अब्दुल्ला अपनी कार से घर पहुंचे। घर पहुंचकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर हिरासत में रखे गए सभी लोगों को रिहा किया जाना चाहिए।

उमर ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में महबूबा मुफ्ती और अन्य सभी राजनीतिक और गैर-राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं अपनी शर्तों पर ही बात करूंगा लेकिन कोरोना वायरस से हमें एकजुट होकर लड़ना होगा, इस वजह से मैं आपके सामने अपनी बात रखने के लिए आया हूं।

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उमर की रिहाई के बाद कुछ ऐसा बोले फारूक अब्दुल्ला

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मंगलवार को पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की सात महीने बाद हुई रिहाई का स्वागत किया। इसके साथ ही अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर के राज्यों की जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों और अन्य की रिहाई की मांग की।

पार्टी अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को रिहा जाने पर खुशी जताते हुए कहा कि मुझे उन्हें नजरबंदी से बाहर देखकर खुशी हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि पूरी खुशी तभी होगी जब सभी राजनीतिक बंदियों और अन्य को रिहा किया जाएगा। मैं उन लोगों, राजनेताओं, सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं, जो सभी के साथ मिलकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।
 
इस बीच पार्टी के बड़े नेताओं ने भी पार्टी उपाध्यक्ष की रिहाई का स्वागत किया है। साथी ही उन्होंने पार्टी महासचिव अली मोहम्मद सागर की तत्काल रिहाई की मांग की। बता दें कि वह पीएसए के तहत हिरासत में हैं।
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बता दें कि उमर की रिहाई तब से ही तय मानी जा रही थी जब से उनके पिता फारुक अबदुल्ला रिहा हुए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की रिहाई पर केंद्र व जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जवाब तलब किए जाने के बाद नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) उपाध्यक्ष की रिहाई तय मानी जा रही थी। वह लगभग सात महीने से नजरबंद थे।

चार अगस्त 2019 को उन्हें एहतियातन नजरबंद किया गया था। इसकी अवधि पूरी होने के बाद पांच फरवरी को उन पर जन सुरक्षा अधिनियम में निरुद्ध कर दिया गया था। तब से वह हरि निवास में नजरबंद थे। उनके पिता व नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पिछले हफ्ते 13 मार्च को रिहा किया गया था। 
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