कश्मीर में तो इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया, लेकिन जम्मू में सरकार अभी तक इसके लिए जमीन ही नहीं ढूंढ पाई। आजादी के 71 वर्ष बाद भी जम्मू एयरपोर्ट घरेलू उड़ानों तक ही सीमित है। इसबीच इतना जरूर हुआ है कि अगले साल जम्मू के एयरपोर्ट का रनवे बढ़ जाएगा, लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का फिलहाल पूरा होता नहीं दिखा रहा।
इसका नुकसान उन यात्रियों को होता है जो विदेश से सीधे वैष्णो देवी दर्शन करने अथवा कश्मीर घूमने जाना चाहते हैं। उन्हें पहले दिल्ली फिर जम्मू अथवा श्रीनगर पहुंचना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, जम्मू एयरपोर्ट जब अस्तित्व मे आया था तबसे उसके रनवे की लंबाई 6700 फीट है। यात्रियों का दबाव बढ़ने के बाद अब 1300 फुट और बढ़ाने पर काम शुरू हो गया है। अगले साल मार्च के अंत तक इसका काम शुरू हो जाएगा। कुछ साल सरकार की तरफ से जम्मू के एयरपोर्ट को भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई गई।
विजयपुर क्षेत्र में इसके लिए जमीन देखने की बात भी हुई, लेकिन अब तक जगह फाइनल नहीं हो पा रही। आलम यह है कि देश से बाहर जाने के लिए दिल्ली के एयरपोर्ट पर जाना पड़ता है। दूसरी ओर कश्मीर में तीन साल पहले इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू हो चुका है। वहां से अभी सिर्फ दुबई के लिए ही अधिकतर उड़ानें भरी जाती है।