जम्मू में ट्रांसपोर्टर खुशी मनाते हुए
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प्रदेश में विभिन्न मांगों को लेकर 17 अप्रैल को होने वाला चक्का जाम स्थगित कर दिया गया है। सरकार और जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बीच मांगों पर सहमति बनने के बाद यह फैसला लिया गया। अधिकतर मांगों को माने जाने के बाद एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है।
एसोसिएशन ने 17 अप्रैल को लखनपुर से लेह तक चक्का जाम की घोषणा की थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों की उपराज्यपाल के साथ फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद परिवहन विभाग ने सभी मांगों को पूरा किया है। इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इसके बाद सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा नेता देवेंद्र राणा से भी मुलाकात की थी जिसके बाद उन्होंने उपराज्यपाल के समक्ष ट्रांसपोर्टरों का मुद्दा रखा था।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि बैसाखी पर सरकार ने ट्रांसपोर्टरों को गिफ्ट दिया है। कहा कि उनकी अधिकतर मांगों को सरकार ने मान लिया है। फिलहाल इसे लेकर अब हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
- 15 साल से ऊपर के व्यावसायिक वाहनों का फिटनेस शुल्क साल में दो बार जमा होगा। हालांकि एक बार ही पैसे देने होंगे, जबकि दूसरी बार सिर्फ 100 रुपये देने होंगे।
- व्यावसायिक यात्री वाहनों के मालिकों को यात्री शुल्क हर तीन महीने बाद देना होगी, जोकि एक साल एडवांस में लिया जाता था।
- ई रिक्शा हाइवे और मुख्य सड़कों की बजाय वहां चलेंगे जहां रोड के अंत तक वाहन नहीं जाता।
- एसआरटीसी की बसें तय समयसारिणी पर हर सड़कों पर उतरेंगे
- ई चालान वाहनों के सामने काटे जाएंगे।
फैसला होते ही मना जश्न
मसले हल होते ही कारोबारियों में हर्ष की लहर दौड़ गई। ट्रांसपोर्टरों ने जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले वेयर हाउस में जश्न मनाया। ढोल नगाड़े की थाप पर थिरकने के साथ ही उप राज्यपाल जिंदाबाद के नारे लगाए। एक दूसरे को मिठाइयां बांटकर मुंह मीठा कराया।
उप राज्यपाल ने ट्रांसपोर्टरों को बैसाखी का तोहफा दिया है। उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा कर उन्होंने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को जिंदगी दी है। पूरा ट्रांसपोर्ट समुदाय एलजी का शुक्रगुजार है। -अजित सिंह, चेयरमैन, जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन