भारतीय सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि सेना लद्दाख सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी तरह के आक्रामक मंसूबे का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एलएसी पर यथास्थिति को बदलने के प्रयासों पर प्रतिक्रिया भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा निडर और समन्वित कार्रवाई है।
उन्होंने कहा, "किसी भी प्रतिकूल आक्रामक प्रयास का तीनों सेनाओं के पूर्ण तालमेल के साथ मजबूत इरादे से मुकाबला किया जाएगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और तकनीकी माध्यमों से वर्चस्व कायम किया जा रहा है। हमारी क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित की जा रही है।' उन्होंने कहा कि राजनयिक और परिचालन स्तर पर एलएसी की स्थिति को हल करने के उपाय भी साथ-साथ चल रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी कमान खतरों और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है और मनोबल से भरपूर है। सेना के जवान जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में विशेष कर उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर विभिन्न विरोधियों से कई चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं। सेना राष्ट्र की लोकतांत्रिक परंपराओं को बरकरार रखते हुए भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने कहा कि हम लगातार निगरानी रख रहे हैं। अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
सेना कमांडर ने कहा कि सेना भविष्य में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है और क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए हमेशा काम करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद, गलवान संघर्ष और कोविड-19 की कई लहरों के मद्देनजर नई चुनौतियां सामने आई हैं। इन चुनौतियों ने केवल हमारी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहने के हमारे संकल्प को मजबूत करने का काम किया है।