गैर संचारी रोगों में लोगों में फैटी लीवर की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या मोटापा, डायबिटीज, लंबे समय तक असंतुलित भोजन करने, अधिक तेलयुक्त पदार्थों का सेवन, जंक फूड, शराब का अधिक सेवन करने आदि से होती है।
1. अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थ, तली भुनी चीजें, जंक फूड आदि के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है जो फैटी लीवर का कारण बनती है।
2. हाई ट्राईग्लिसराइड, अधिक वजन या डायबिटीज की समस्या होने पर फैटी लीवर की आशंका रहती है। हाई ट्राईग्लिसराइड एक बीमारी है जिसमें रक्त में पाई जाने वाली वसा काफी बढ़ जाती है।
3. वजन को घटाने के लिए कई बार सप्लीमेंट खाना लीवर को खराब करने का काम करता है
1. फैटी लीवर होने पर लीवर के हिस्से में सूजन आ जाती है
1. हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी के अलावा एंटी आक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं जो लीवर सेल्स को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं.
2. ग्रीन टी- लीवर खराब होने पर पीड़ित को घबराहट महसूस होती है ऐसे में ग्रीन टी पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।
3. करेला-करेले का कड़वा स्वाद लीवर पर सकारात्मक असर डालता है। फैटी लीवर के लिए आप रोजाना एक या आधा कप करेले की सब्जी खाएं या जूस पिएं।
4. साबूत अनाज- साबूत अनाज फाइबर और दूसेर न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। यह आसानी से पच जाते हैं। यह फैटी लीवर के नुकसान को रोकता है।
5. आंवला- इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट और विटामिन सी मौजूद है जो लीवर संचालन को दुरुस्त रखने का काम करता है।
6. नारियल पानी-इसमें एंटीआक्सीडेंट और हेरेटो प्रोटेक्टिव का गुण होता है जो फैटी लीवर की समस्या को दूर करने में प्रभावी है।