जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों की ओर से अवैध कब्जे वाली भूमि को खाली कराया। अधिकारियों ने कहा कि हुमहामा, पीरबाग, पादशाहीबाग, निशात और छत्ताबल सहित श्रीनगर में कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाया गया है।
ऐसा नहीं करने पर मशीनरी को भी जब्त कर लिया जाएगा। बुमथन मीर बाजार में भी अभियान चलाया गया। जहां राज्य भूमि पर एक स्टोन क्रशर चल रहा था। तहसील काजीगुंड से राजस्व टीम ने कुल 14 कनाल भूमि खाली कराई।
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने सोशल मीडिया पर अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर हिंदी में जारी किए गए बयान में कहा, नए उपनिवेशिक भूमि कानूनों के नाम पर स्थानीय कश्मीरियों की संपत्तियां छीनकर परेशान किया जा रहा है।
यह सिर्फ अवैध बस्तियों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस कठोर आदेश के पीछे छिपा एजेंडा गैर-स्थानीय लोगों के लिए न केवल स्थानीय व्यापार लेने के लिए मार्ग प्रशस्त करना है, बल्कि कश्मीर में विशेष मानसिकता के इन गैर-स्थानीय लोगों को बसाने के लिए भी स्पष्ट तरीके हैं।