जम्मू एंड कश्मीर की 87 सीटों पर हुए चुनावी दंगल का परिणाम आज प्रत्याशियों की हार और जीत के रूप में लोगों के सामने होगा। चीफ इलेक्टोरल की ओर से 23 दिसंबर को मतगणना करवाने के लिए चुनावी अमले ने सारी तैयारियां कर ली हैं। बहुतकनीकी कालेज और यूनिवर्सिटी रोड स्थित एमएएम कालेज में वोटों की गिनती होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अजीत कुमार साहु की अध्यक्षता में सोमवार को बहुतकनीकी कालेज में ट्रेनिंग करवाई गई। यहां काउंटिंग माइक्रो आब्जर्वर और काउंटिंग सुपरवाइजर लगाए गए। इसके साथ ही आईडी कार्ड भी बांट दिए गए हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में जम्मू एंड कश्मीर में चुनाव का बिगुल बजा था।
क्रमवार मतदान होने के बाद जम्मू में आखिरी और पांचवें चरण के साथ मतदान प्रक्रिया पूरी हुई। अब 23 दिसंबर को मतगणना होगी, जिसका लोग बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं। ट्रेनिंग में काउंटिंग सुपरवाइजरों ने हिस्सा लिया। इन्हीं में से प्रोफेसर, प्रिंसिपल और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के लोगों को बतौर काउंटिंग माइक्रो सुपरवाइजर लगाया गया, जबकि अन्य की काउंटिंग सुपरवाइजर के रूप में ड्यूटी लगी है। इस दौरान सभी आईडी कार्ड भी दिए गए हैं।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
विशेषज्ञों ने मौजूद सुपरवाइजरों को ईवीएम की पेटी का टैग चेक करने, सील चेक, खुली या ढीली देखने तथा अच्छे से टैग मशीन से सटा होने जैसी बातों पर ध्यान रखने को कहा है। काउंटिंग के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। जहां एक के बाद एक मशीन की गिनती करवाई जाएगी।
इसके साथ ही मौजूद राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों के सामने मशीन को खोलने और उसके बाद काउंटिंग माइक्रो आब्जर्वर द्वारा रिजल्ट बटन दबाने को कहा है। एकाएक 12 प्रत्याशियों को मिले वोटों की संख्या एजेंटों को बोलकर लिखवाने के बाद अंत में सभी के हस्ताक्षर करवाने ही हिदायतें दी हैं।
सील को बिना कटर के खोलने की अनुमति नहीं है। इस दौरान नुमाइंदों की ओर से असंतुष्टि जताने पर उन्हें दोबारा रिजल्ट दिखाया जाना है। तीसरी बार रिजल्ट दिखाने के लिए मौके पर मौजूद आरओ से अनुमति लेनी होगी।
टाइमिंग का रखना होगा खास ध्यान: डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार साहु ने कहा कि पोस्टल बैलेट के दौरान टाइमिंग का खास ध्यान रखना होगा। एक समान टाइमिंग से गिनती करनी होगी, ताकि न कोई पहले फ्री और और न ही कोई ज्यादा देरी करे।
समय के तालमेल के हिसाब से काम करने की गति रखनी होगी। पोस्टल बैलेट का छोटा लिफाफा निकालना होगा।
बाहर डेकलारेशन फार्म होगा। इसमें वोटर ने साइन किया है, टिक लगाई है या हस्ताक्षर किए हों, या फिर साफ हो रहा हो कि वोट डाला गया है तो उसे वोट पोल मानना होगा।