परिसीमन के बाद जम्मू संभाग में सियासी समीकरण बहुत हद तक बदल गए हैं। विधानसभा तक पहुंचने के लिए दिग्गजों को कड़ी मशक्कत करनी होगी। मतदाताओं के हिसाब से उन्हें नए-नए क्षेत्रों तक पहुंच बनानी होगी, क्योंकि कई नए इलाके लगभग सभी सीटों से जुड़े हैं। कई परंपरागत वोट वाले इलाके दूसरे विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिए गए हैं। रियासी की माता वैष्णो देवी के नाम पर बनी नई सीट पर लगभग 50 हजार और जम्मू में बाहु व आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण सीट पर एक लाख से अधिक मतदाता हैं।
जम्मू संभाग में सात सीटें ऐसी हैं, जहां एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। इन सीटों में जम्मू की बिश्नाह, आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु, पुंछ-हवेली, भद्रवाह, बनिहाल, उधमपुर पूर्व हैं। 90 हजार से अधिक वोटर वाले कठुआ, सुचेतगढ़, जम्मू पूर्व, जम्मू पश्चिम, जम्मू उत्तर, छंब, सुरनकोट, मेंढर, चिनैनी हैं। मतदाता पुनरीक्षण का काम पूरा होने के बाद इन सीटों पर भी मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना है।