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गुपकार की गुफ्तगू पर नजर: राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ कयासों का दौर... जानें क्या है गुपकार संगठन

Tue, 01 Oct 2024 12:12 PM IST
शाहरुख खान शशांक मिश्र, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मो. ताजुद्दीन का कहना है कि यह चुनाव ही विचारधाराओं की लड़ाई का है। अनुच्छेद 370 अहम मुद्दा बनकर जनता के बीच है। भले ही राजनीतिक दल अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं, मगर वैचारिक लड़ाई में भाजपा बनाम अन्य साफ तौर पर दिख रहे हैं। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर कयासों का दौर शुरू होने लगा है। एक दशक बाद हो रहे विधानसभा चुनाव में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत के आसार कम ही दिख रहे, क्योंकि सभी प्रमुख दलों ने सभी सीटों पर प्रत्याशी ही नहीं उतारे हैं। 
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ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। चर्चा हो रही है कि क्या भाजपा को रोकने के लिए गुपकार गुट फिर साथ होंगे या उनके टकराव जारी रहेंगे।

चुनाव के दूसरे चरण में भाजपा बनाम अन्य दलों के बीच अनुच्छेद-370 पर वैचारिक टक्कर और टकराव खूब हुआ। पाकिस्तान के रक्षामंत्री के बयान के बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की मजबूत घेराबंदी की। 
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उधर, एनसी गठबंधन के अलावा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भी 370 की बहाली को चुनाव घोषणा पत्र में शामिल कर लिया। ऐसे में नतीजों के बाद गुपकार के नए समीकरणों पर निगाहें टिकने लगी है। 

जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मो. ताजुद्दीन का कहना है कि यह चुनाव ही विचारधाराओं की लड़ाई का है। अनुच्छेद 370 अहम मुद्दा बनकर जनता के बीच है। भले ही राजनीतिक दल अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं, मगर वैचारिक लड़ाई में भाजपा बनाम अन्य साफ तौर पर दिख रहे हैं। 

 

परिणाम आने के बाद इन दलों को साथ आने की मजबूरी से इनकार नहीं किया जा सकता है। विवि की इतिहास विभाग की प्रोफेसर सुमन जामवाल कहती हैं कि गठबंधन इस राज्य के लिए कोई नई बात नहीं है। ज्यादातर सरकारें गठबंधन से बनी और चली हैं। 

 

कई बार अलग अलग विचारधाराओं के लोगों ने हाथ मिलाया है। कश्मीर चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जावेद अहमद भट का कहना है कि दल अपने मुद्दों के साथ जनता के बीच हैं। ऐसे में परिणाम के बाद भी जनता की भावनाओं का ख्याल रखकर ही निर्णय की उम्मीद है।
 

गुपकार रोड पर सन्नाटा 
डल झील से कुछ दूरी पर स्थित गुपकार रोड पर ही पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला का घर है। इससे थोड़ी दूरी पर ही पीडीपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का आवास है। भले ही पूरे कश्मीर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है, मगर गुपकार रोड पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस रोड से इक्का-दुक्का वाहन गुजरते हैं, मगर सियासत के इन शक्ति केंद्रों पर फिलहाल कोई हलचल नहीं है।
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क्या है गुपकार संगठन...
गुपकार जम्मू-कश्मीर में विपक्षी दलों का एक गठबंधन है। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी समेत आठ दल हैं। इनका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पहले की तरह विशेष राज्य का दर्जा दिलाने का है।


 
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