जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के पूर्व राजनीतिक माहौल को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मंगलवार को श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन की योजना नहीं बना रही है। महबूबा मुफ्ती ने कहा जम्मू-कश्मीर में भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा। चुनाव के बाद अगर पीडीपी को शामिल किए बिना सरकार का गठन किया जाता है तो यह संभव नहीं होगा। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की आलोचना करते हुए कहा कि नेकां केवल सत्ता और मंत्री पद पाने के लिए गठबंधन करती है। उनका आरोप था कि नेकां 1947 से इसी प्रवृत्ति का पालन कर रही है और इसका कोई उद्देश्य नहीं है।
महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि पीडीपी चुनाव एक एजेंडे के तहत लड़ती है। और सरकार बनाने से ज्यादा अपने एजेंडे को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने 2002 में पीडीपी द्वारा केवल 16 विधायकों के साथ सरकार बनाने का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी का फोकस हमेशा अपने सिद्धांतों पर रहा है। 2015 में भाजपा के साथ गठबंधन के अनुभव को याद करते हुए, महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस बार उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए किए गए प्रयासों को विफल कर दिया है। जिससे गठबंधन की संभावना समाप्त हो गई है।
पूर्व नेकां नेता देवेंद्र सिंह राणा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी ने नेकां के विपरीत हमेशा खुले में काम किया है। उन्होंने कहा हमने भाजपा से बातचीत खुली और पारदर्शी तरीके से की जबकि नेकां ने गुप्त तरीके से काम किया। महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की जम्मू-कश्मीर यात्रा के बारे में कहा कि उनका स्वागत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने का पूरा अधिकार है। और पीडीपी इस यात्रा का स्वागत करती है। महबूबा मुफ्ती की यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित गठबंधनों की दिशा को साफ करती है।