जम्मू-कश्मीर की पीडीपी पार्टी ने धर्मनिरपेक्ष मोर्चे को समर्थन देने के फैसले को मतगणना के परिणाम आने तक टाल दिया है, पीडीपी प्रमुख मेहबूबा मुफ्ती की मीडिया सलाहकार इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों की मतगणना से एक दिन पहले, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की मीडिया सलाहकार इल्तिजा मुफ्ती ने एक ट्वीट कर स्पष्ट किया है कि पीडीपी का वरिष्ठ नेतृत्व केवल चुनाव परिणाम आने के बाद ही किसी सेक्युलर फ्रंट को समर्थन देने पर निर्णय लेगा।
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उन्होंने कहा, मैं रिकॉर्ड को स्पष्ट करना चाहती हूं। पीडीपी की वरिष्ठ नेतृत्व केवल परिणामों के बाद ही समर्थन के मुद्दे पर विचार करेगा। यह हमारी आधिकारिक स्थिति है। इल्तिजा मुफ्ती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक दलों के बीच चुनावी नतीजों की प्रत्याशा में चर्चा तेज हो गई है। पीडीपी का यह रुख यह संकेत करता है कि वे परिणामों के आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस दिशा में पार्टी का समर्थन जाएगा।
इस बीच, चुनाव परिणामों की घोषणा आठ अक्तूबर को होने वाली है, जो जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है। पीडीपी का यह आधिकारिक बयान पार्टी के समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और सभी की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।