फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: नियम न बनने से आर्थिक अपराध शाखा को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिला थाना, कई पद खाली

Sun, 18 Jul 2021 01:03 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की आर्थिक अपराध शाखा (विंग) के बनने के डेढ़ साल बाद भी इसके लिए नियम तय नहीं किए गए। न ही इसमें पूरा स्टाफ नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की आर्थिक अपराध शाखा (विंग) के बनने के डेढ़ साल बाद भी इसके लिए नियम तय नहीं किए गए। न ही इसमें पूरा स्टाफ नियुक्त किया गया है। इसकी वजह से आर्थिक अपराध के मामले अब भी एसीबी में दर्ज हो रहे हैं। मामलों की जांच भी ठीक तरह से नहीं हो पा रही। हालांकि विंग ने मामलों की जांच करना शुरू कर दी है, लेकिन नियम तय न होने से मामले दर्ज नहीं हो पा रहे, क्योंकि इसके पास अपना थाना ही नहीं है। 

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार में आर्थिक अपराधों के मामलों की जांच को लेकर उक्त शाखा का गठन किया गया था। मार्च, 2020 को 56 पदों वाली शाखा को मंजूरी दी गई। इसमें एक एसपी, तीन डीएसपी, 10 इंस्पेक्टरों, 10 सब इंस्पेक्टरों, 20 कांस्टेबल, पांच स्टेनोग्राफर के पद सृजित किए गए। लेकिन अभी तक इसमें एसपी को छोड़कर सिर्फ 20 पद ही भरे गए हैं। बाकी के पद अभी तक नहीं भरे गए।
 

विंग में 20 लोग आ गए हैं। विंग के पास जो आर्थिक अपराध के गंभीर मामले हैं, उनकी जांच करवाई जा रही है। लेकिन अभी तक इसके नियम तय नहीं किए गए हैं, जो कि जीएडी विभाग ने करने हैं। नियम बनने से इसका अलग थाना होगा और इसमें फिर स्वतंत्र रूप से मामले दर्ज होने लगेंगे। फिलहाल एसीबी थाने में ही मामले दर्ज हो रहे हैं।- आनंद जैन, निदेशक, एंटी करप्शन ब्यूरो

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें