किश्तवाड़ जिले में स्थित मचैल माता मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल गए हैं। पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पूजा पाठ के लिए पहुंचे। उधर, माता वैष्णो देवी यात्रा भी लगातार जारी है।
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पाडर में मचैल चंडी दरबार के कपाट खुल गए। पहलवान के निवास स्थान की छत पर बने मंदिर से माता की मूर्ति को लगभग तीन माह सर्दियों के मौसम के बाद मुख्य मंदिर में रखा गया।
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इस दौरान मचैल मंदिर के परिसर में मेला लगा रहा। सैकड़ों लोगों ने इस दौरान माता के दर्शन किए। ढोल की थाप पर श्रद्धालु झूमते नाचते रहे। माता के जयकारों से पूरा मचैल गांव गूंज उठा।
माघ माह की संक्रांति के दिन मूर्ति को मुख्य दरबार से एक छोटे से मंदिर मे रखा गया था जहां सर्दियों में पूजा करना आसान रहता है। उधर वैष्णो देवी यात्रा बेहतरीन मौसम के बीच सुचारु रूप से चल रही है। शनिवार सुबह से ही भवन की ओर जाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है।
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शुक्रवार को छुट्टी के चलते वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहर तक भक्तों को आरएफआईडी कार्ड बनाने में अधिक देर इंतजार नहीं करना पड़ा। इसके बाद पंजीकरण करवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
कक्ष बंद होने के कुछ समय पहले तक 40 हजार भक्तों का पंजीकरण हो चुका था। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शाम तक 40 हजार के करीब लोग भवन पहुंच चुके थे। बता दें कि एक दिन पहले वीरवार को 31 हजार भक्तों ने मां के दर्शन किए।
पिछले हफ्ते भी शुक्रवार व शनिवार अवकाश होने के कारण तीन दिन तक औसतन भक्तों की संख्या 45 हजार से अधिक रही थी। रविवार को भी यात्रियों की संख्या में उछाल रह सकता है।