विस्थापितों के मामले में राहत और पुनर्वास आयुक्त विस्थापित सक्षम प्राधिकारी रहेगा। विस्थापितों के बच्चों के मामले में भी ऐसा ही रहेगा। केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के बच्चों के मामले में अतिरिक्त सचिव या सामान्य प्रशासनिक विभाग का इसके लिए नियुक्त अधिकारी सक्षम प्राधिकारी रहेगा। दस साल तक सेवा करने वाले अधिकारियों के मामले में सक्षम प्राधिकारी मनोनीत होगा। जम्मू-कश्मीर के निवासियों के वह बच्चे जो प्रदेश से बाहर नौकरी या अन्य काम कर रहे हैं, तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।
कश्मीरी विस्थापितों को राहत
कश्मीरी विस्थापित पीआरसी या फिर माइग्रेंट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाकर डोमिसाइल ले सकेंगे। ऐसे विस्थापित जो किसी कारण से राहत एवं पुनर्वास आयुक्त के पास अपना पंजीकरण नहीं करा सके हैं, उन्हें भी पंजीकरण का अवसर दिया जाएगा। प्रदेश से बाहर रह रहे विस्थापित 1951/1988 की मतदाता सूची, रोजगार प्रमाण पत्र, संपत्ति स्वामी प्रमाण पत्र जैसे किसी भी दस्तावेज को दिखाकर डोमिसाइल पाने के हकदार होंगे।
शरणार्थी, सफाई कर्मी होंगे लाभान्वित
पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, सफाई कर्मचारी और दूसरे राज्यों में शादी करने वाली महिलाओं के बच्चे भी अब डोमिसाइल के हकदार होंगे। इन सभी के लिए 15 वर्ष तक प्रदेश में रहने समेत अन्य श्रेणी की अनिवार्यता के नियम लागू होंगे।