जम्मू शहर के सरवाल, रिहाड़ी, जानीपुर और पलोड़ा क्षेत्र अभी भी हाट स्पाट बने हुए हैं। प्रदेश में कुल मिले डेंगू के मामलों में जिला जम्मू से 85 प्रतिशत तक मामले हैं। इनमें 90 प्रतिशत तक उक्त इलाकों से डेंगू के मामले मिले हैं।
दिवाली के बाद हुई आतिशबादी और पारे में गिरावट के बाद डेंगू के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। गुरुवार को प्रदेश में सिर्फ 57 ही डेंगू के मामले मिले। हालांकि डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है। शहर के अस्पतालों में ही रोजाना दर्जनों डेंगू के संदिग्ध बुखार के मामले पहुंच रहे हैं। अब तक प्रदेश में 4870 डेंगू के मामले मिल चुके हैं जो आलटाइम रिकार्ड है। अब तक डेंगू सात लोगों की जान ले चुका है।
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जम्मू शहर के सरवाल, रिहाड़ी, जानीपुर और पलोड़ा क्षेत्र अभी भी हाट स्पाट बने हुए हैं। प्रदेश में कुल मिले डेंगू के मामलों में जिला जम्मू से 85 प्रतिशत तक मामले हैं। इनमें 90 प्रतिशत तक उक्त इलाकों से डेंगू के मामले मिले हैं। डेंगू के मामलों में गिरावट को विशेषज्ञ अच्छा संकेत मान रहे हैं।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. सलीम उर रहमान का कहना है कि नवंबर के मध्य तक तापमान में और गिरावट के साथ डेंगू से निजात मिलेगी। डेंगू से निपटने के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इसमें दैनिक आधार पर डेंगू परीक्षण को बढ़ाया गया है। पिछले तीन दिन से डेंगू के मामलों में गिरावट आई है। जीएमसी के अलावा स्वास्थ्य विभाग के गांधीनगर अस्पताल की कंपोनेंट लैब में मरीजों के लिए प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।