मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सिंध नदी के पानी का रंग अचानक नीला से सफेद (दूधिया) हो गया है। पानी में ढेर सारा झाग है। साथ ही दुर्गंध भी है। कंगन तथा आसपास के लोगों ने पानी के रंग में बदलाव देखा तो इसकी सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन ने कमेटी का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिंध नदी का प्रारंभिक स्रोत हिमालय में माचोई ग्लेशियर से 4,800 मीटर (15,700 फीट) की ऊंचाई पर है। भारत में सिंध नदी ज्यादातर श्रीनगर-लेह राजमार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 1 डी) के साथ पश्चिम की ओर बहती है। सिंध नदी 1,600 मीटर (5,200 फीट) की ऊंचाई पर श्रीनगर से 17 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में शादीपोरा नामक स्थान पर झेलम नदी में मिल जाती है।
हमने जांच समिति का गठन किया है जो इसमें जांच कर रही है। हमने पानी के सैंपल ले लिए हैं जिसे श्रीनगर के सेंट्रल लैब में जांच के लिए भेजा गया है। मंगलवार शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी। हमने लोगों को यह हिदायत दी है कि वहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का ही पानी पीने के लिए इस्तेमाल में लाएं। प्रारंभिक जांच में कोई केमिकल नहीं पाया गया है। -श्यामबीर सिंह, डीसी गांदरबल
गगनगीर से कुछ ऐसा पानी आ रहा था जिसकी जांच की गई है। वहां जो कंपनी टनलिंग का काम कर रही है शायद उसका मलबा उसमें चला गया है। परेशान होने वाली बात नहीं है। हमने टेस्ट किया है उसमें पानी दूषित नहीं पाया गया है। सिल्ट लोड बढ़ गया है। कोई परेशानी की बात नहीं है। अब दूसरा सैंपल डीसी के निर्देशानुसार सेंट्रल लैब भेजा गया है, उसकी रिपोर्ट मंगलवार को आ जाएगी। - समीउल्लाह बेग, इंजीनियर-पीएचई गांदरबल