फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान की साजिश: छात्राओं को बनाया नशा तस्करी का कैरियर, पुंछ में 10वीं की छात्रा से मिली करोड़ों की हेरोइन

Fri, 16 Dec 2022 09:49 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ

सार

मेंढर में नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ ने पुलिस के साथ साझा अभियान चलाकर 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में पकड़ा। छात्रा से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर घर के पास छिपाकर रखी 400 ग्राम हेराइन बरामद की गई। 
विज्ञापन
school girl - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुंछ जिले के मेंढर में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के नशा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए नियंत्रण रेखा पर तारबंदी के आगे स्थित गांव से 400 ग्राम हेरोइन के साथ 10वीं की छात्रा को गिरफ्तार किया है। यह मादक पदार्थ नियंत्रण रेखा के उस पार से छात्रा को तस्करी के लिए दिया गया था।

 

नियंत्रण रेखा पर नशा तस्करी को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की यह नई साजिश है। वह अब छात्राओं को कैरियर के रूप में इस्तेमाल करने लगा है। पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने आईएसआई द्वारा स्कूली बच्चों के माध्यम से नशीली वस्तुओं की तस्करी और किशोरों को नशे में लिप्त करने की साजिश का पर्दाफाश किया है।

 

इस संबंध में मेंढर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सुरक्षा बलों ने इस छात्रा को उस पार से हेरोइन पहुंचाने वाले एक पाकिस्तानी हैंडलर आशिक की भी पहचान की है, जो समय-समय पर छात्रा के घर पर आता-जाता रहता था।

विज्ञापन

 

क्योंकि नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के आगे जीरो लाइन क्षेत्र होने के साथ ही उक्त गांव आधा भारत और आधा पाकिस्तान में है। दोनों तरफ के लोगों में रिश्तेदारी है।

 

जानकारी के अनुसार सूचना पर मेंढर में नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ ने पुलिस के साथ मिलकर साझा अभियान चलाकर 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में पकड़ा। छात्रा से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर घर के पास छिपाकर रखी 400 ग्राम हेराइन बरामद की गई। 

बीते साल भी कई युवक हथियारों, नशीले पदार्थों के साथ दबोचे गए

नियंत्रण रेखा पर फैंसिंग के आगे गांव होने के कारण आईएसआई और आतंकी संगठनों द्वारा हथियार व मादक पदार्थ पहुंचाए जाते हैं। गत वर्ष सुरक्षा बलों ने मेंढर में जीरो लाइन के पास स्थित क्षेत्रों से छह से अधिक युवकों को पिस्टल, ग्रेनेड और नशीली वस्तुओं के साथ दबोचा है। लेकिन अब स्कूली बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें