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जम्मू-कश्मीर: कोचिंग सेंटरों में शिक्षा का व्यापार, विभाग को शिकायत का इंतजार, वसूली जा रही मोटी फीस

Thu, 30 Mar 2023 10:59 PM IST
विमल शर्मा रति शर्मा, जम्मू

सार

जम्मू में ही ऐसे तीन बड़े कोचिंग सेंटर शिक्षा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। ये कोचिंग सेंटर लाखों रुपये लेकर आईआईटी-जेईई, नीट की तैयारी करवाते हैं।
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कोचिंग सेंटर(प्रतिकात्मक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का व्यापार धड़ल्ले से हो रहा है। कोचिंग सेंटरों के नाम पर डमी स्कूल चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग को शिकायत का इंतजार है। जम्मू जिले के कई ऐसे स्कूल हैं, जो कोचिंग के नाम पर डमी स्कूल बनकर रह गए हैं, जहां लोगों से लाखों रुपये फीस वसूली जा रही है।

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जम्मू में ही ऐसे तीन बड़े कोचिंग सेंटर शिक्षा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। ये कोचिंग सेंटर लाखों रुपये लेकर आईआईटी-जेईई, नीट की तैयारी करवाते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि इनकी वजह से जम्मू के बच्चों का बड़े-बड़े कॉलेजों में चुनाव हो रहा है, लेकिन पैसों के लिए यह बच्चों की 11वीं और 12वीं की पढ़ाई नहीं होने दे रहे।

आम लोगों को इसकी जानकारी आसानी से मिल जाएगी, लेकिन शिक्षा विभाग को इनकी खबर तक नहीं है। कोचिंग संस्थान बच्चों और उनके अभिभावकों को पहले ही यह साफ कर देते हैं कि आप आईआईटी की तैयारी करें। स्कूल जाने की चिंता छोड़ दें। हमारे स्कूल से टाईअप हैं।
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लोगों के अनुसार कोचिंग संस्थान में आओ और स्कूल की विद्या व अनुभव ले जाओ। यह सरकार की नाक तले और बोर्ड की मान्यता लिए हुए स्कूल हैं, जो कोचिंग संस्थान के लिए काम कर रहे हैं। यह सिर्फ निजी स्कूलों का हाल नहीं, बल्कि एक सरकारी स्कूल में भी यही काम सात हजार रुपये में किया जाता हैं।

कोचिंग संस्थान आपसे दो लाख के करीब फीस के अलावा 35 से 40 हजार रुपये अलग से लेते हैं, ताकि बच्चों को 11वीं और 12वीं के लिए स्कूल जाने की जरूरत न पड़े।

इन कोचिंग संस्थानों का काम तो यह है कि सिर्फ 10 दिन के लिए स्कूल जाइए, प्रेक्टिकल दीजिए और हो गई आपकी 11वीं व 12 वीं पूरी।इसके लिए कोचिंग संस्थान की बस आपको स्कूल लेकर जाएगी और प्रेक्टिकल करवाकर वापस लेकर भी आएगी।

अब हर कोचिंग सेंटर का अपना डमी स्कूल है। आपको यह भी ऑफर दिया जाता है कि सीबीएससी में पढ़ना है, सरकारी में या किसी स्टेट बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में। एक संस्थान के अनुसार उनके डमी स्कूल मीरा साहिब, और आएसपुरा में हैं। 

डमी स्कूल जैसा कोई स्कूल जम्मू में नहीं चल रहा है। ऐसा शब्द शिक्षा विभाग की पॉलिसी में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हो भी रहा है तो हम शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। - डॉ. रवि शंकर शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक, जम्मू

एक संस्थान के अनुसार 11वीं-12वीं की पढ़ाई के लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे अलग-अलग जगह पर स्कूल हैं। सरकारी स्कूल भी हैं और सीबीएससी भी। स्कूल की पढ़ाई यहां हो जाएगी, उसके लिए फीस के अलावा और पैसे देने होंगे दोनों साल।

दूसरे संस्थान के अनुसार हमारा अपना स्कूल है। सिर्फ प्रेक्टिकल के लिए बच्चों को स्कूल लेकर जाएंगे, वह भी कोचिंग सेंटर की गाड़ी में। तीसरे कोचिंग सेंटर के संचालकों ने कहा कि हमारा स्कूल भी है और क्लास भी। इच्छा आपकी है कि कहां पढ़ना चाहते हैं, क्योंकि जो शिक्षक उनको स्कूल में पढ़ाएंगें, वे पूरी तैयारी करवाएंगे।

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