जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का व्यापार धड़ल्ले से हो रहा है। कोचिंग सेंटरों के नाम पर डमी स्कूल चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग को शिकायत का इंतजार है। जम्मू जिले के कई ऐसे स्कूल हैं, जो कोचिंग के नाम पर डमी स्कूल बनकर रह गए हैं, जहां लोगों से लाखों रुपये फीस वसूली जा रही है।
डमी स्कूल जैसा कोई स्कूल जम्मू में नहीं चल रहा है। ऐसा शब्द शिक्षा विभाग की पॉलिसी में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हो भी रहा है तो हम शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। - डॉ. रवि शंकर शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक, जम्मू
एक संस्थान के अनुसार 11वीं-12वीं की पढ़ाई के लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे अलग-अलग जगह पर स्कूल हैं। सरकारी स्कूल भी हैं और सीबीएससी भी। स्कूल की पढ़ाई यहां हो जाएगी, उसके लिए फीस के अलावा और पैसे देने होंगे दोनों साल।
दूसरे संस्थान के अनुसार हमारा अपना स्कूल है। सिर्फ प्रेक्टिकल के लिए बच्चों को स्कूल लेकर जाएंगे, वह भी कोचिंग सेंटर की गाड़ी में। तीसरे कोचिंग सेंटर के संचालकों ने कहा कि हमारा स्कूल भी है और क्लास भी। इच्छा आपकी है कि कहां पढ़ना चाहते हैं, क्योंकि जो शिक्षक उनको स्कूल में पढ़ाएंगें, वे पूरी तैयारी करवाएंगे।