सांबा सेक्टर में गश्त करते जवान
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सांबा जिले से लगने वाले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने घुसपैठ को देखते हुए बड़ा तलाशी अभियान चलाया। पूरे इलाके में जवानों ने चप्पे-चप्पे को खंगाला। बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के सांबा सेक्टर में जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। इन दिनों रोजाना चेकिंग और पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। इस दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देता है उसकी जांच की जाती है। इस अभ्यास को पूरे साल भर किया जाता है चाले बारिश, सर्दी या गर्मी का मौसम ही क्यों न हो।
जैश के लिए घुसपैठ की सबसे मुफीद जगह बना सांबा-कठुआ बॉर्डर
पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए सांबा-कठुआ बॉर्डर घुसपैठ के लिए सबसे मुफीद रास्ता बना हुआ है। जम्मू में पिछले 3 सालों में होने वाले सभी बड़े हमले जैश ने किए हैं। इन सभी हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी आतंकी थे। उन्होंने बॉर्डर से घुसपैठ की थी। झज्जर कोटली में हुए 2018 के हमले के बाद एनआईए ने साफ कहा था कि कठुआ और सांबा के बॉर्डर को आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इसे एक गंभीर मामला माना गया है, क्योंकि जिस तरह से सुंजवां हमले में दोनों आतंकी इतनी बड़ी तादाद में गोला बारूद लेकर आए थे, इससे माना जा रहा है कि बड़ा हमला होना था।
बीएसएफ के पास घुसपैठ की कोई जानकारी नहीं
बीएसएफ के प्रवक्ता एसपीएस संधु ने बताया कि हमारे पास घुसपैठ की कोई जानकारी नहीं है। न ही इसके बारे हमें किसी ने बोला है। सीमा पर किसी तरह की कहीं पर फेंसिंग नहीं कटी और न ही कोई सुरंग है, जिससे कि आतंकियों की घुसपैठ हुई हो।
एनआईए भी कर चुकी खुलासा
करीब तीन साल पहले झज्जर कोटली हमले की जांच में एनआईए ने खुलासा किया था कि सांबा और कठुआ का बॉर्डर पाकिस्तानी आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया था कि 2014 से लेकर 2018 तक 50 से ज्यादा पाकिस्तानी आतंकियों ने घुसपैठ की और यह कश्मीर तक चले गए। वहीं पिछले 3 साल में जम्मू में होने वाले सभी हमले जैश ने किए हैं और इसमें पाकिस्तानी आतंकी थे, जो सीमा पार से घुसपैठ करके आए थे।