भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने आखिरकार पूर्व एमएलसी सुरिंदर चौधरी पर 5 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा कर दिया है। बुधवार को रैना ने चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया, साक्षात्कार और अन्य जगहों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाने का केस किया। प्रधान जिला न्यायाधीश जम्मू संजय परिहार ने सुरिंदर कुमार चौधरी को नोटिस जारी किया है।
रविंद्र रैना ने अपने मानहानि दावे में कहा कि उन्होंने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की है। पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीड़ितों के लिए काम करने सहित जनता के हितों को सुधारने के लिए खुद को समर्पित किया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा नौशेरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी बनाया। चुनाव जीता और अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उनके कामकाज को देखते हुए 2018 में भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। आज भी वह इसी पद पर बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा एक ईर्ष्यापूर्ण, दाग-रहित करियर है। अपनी कड़ी मेहनत और ईमानदारी से एक बेदाग छवि बनाई है। चौधरी ने उनके खिलाफ 2014 में चुनाव लड़ा था और वह मुझसे हार गए। हालांकि जीत और हार लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है, लेकिन चौधरी हार को पचा नहीं सके और हमेशा उनके उनकी पार्टी की छवि खराब करने के अवसरों की तलाश में रहे।
वर्ष 2022 में उन्होंने पीडीपी छोड़ी और भाजपा में शामिल हो गए। बाद में वह 11 जुलाई 2023 को एनसी में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने मेरे खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए। जबकि मेरी छवि एक ईमानदार नेता के रूप में है।