निलंबित आईपीएस अधिकारी बसंत रथ ने अब मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। बीते माह 31 जुलाई को बसंत रथ का छह महीने के लिए निलंबन बढ़ा दिया गया है। अनुशासनहीनता के चलते वह निलंबित चल रहे हैं।
उन्होंने ईमेल के जरिये मुख्य सचिव को पत्र में लिखा है। इसके लिखा गया है कि सर, मैंने वर्ष 20222 जून-जुलाई में वॉलंटियर रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया था। इसका लैटर आपको भेज दिया था, लेकिन सत्ता के नशे में चूर एक नौकरशाह की तरह आपने मेरी फरियाद नहीं सुनी। आपके पास पिछले साल मेरा फोन तक उठाने का वक्त नहीं था। मैंने केंद्रीय कैबिनेट सचिव को अनुरोध किया है कि वह मुझे बर्खास्त करने की सिफारिश करें। कृप्या मेरी तरफ मदद के हाथ बढ़ाइए।'
इसमें आगे लिखा है, 'अगर केंद्रीय सचिव मेरी सिफारिश नहीं करते तो इस बार आप मेरे प्रति थोड़ा दयालु हो सकते हैं। हम लोग 2018 में पड़ोसी हुआ करते थे। आपके पुत्र के व्यवसायिक कार्य के लिए शुभकामनाएं। मेरे एक वकील दोस्त ने आपकी कई ईमानदारी की कहानियां सुनाई हैं। क्या इनमें कोई कमी आ गई है, मैं इसे लेकर सुनिश्चित नहीं हूं।
डीजीपी से लेकर केंद्रीय गृह सचिव तक निशाना
बता दें कि डीजीपी दिलबाग सिंह पर संगीन आरोप लगाने और विभाग में अनुशासनहीनता के चलते आठ जुलाई 2020 को बसंत रथ को निलंबित की दिया गया था। इसके बाद से रथ ने डीजीपी के अलावा केंद्रीय गृह सचिव पर उनके साथ भेदभाव करने पर तलख टिप्पणी की। यहां तक कि डीजीपी के खिलाफ उन्हें मारने की साजिश रचने की शिकायत भी की। इसे देखते हुए बसंत रथ का निलंबन कुछ दिन पहले ही बढ़ाया गया।
हमेशा सुर्खियों में रहे बसंत रथ
बता दें कि आईपीएस बसंत रथ हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। सबसे पहले उनका कारोबारी नागर सिंह के साथ विवादित वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद यातायात पुलिस में आने पर लोगों को पीटने के वीडियो वायरल हुए। फिर डीजीपी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर वह सुर्खियों में रहे। रथ भाजपा में जाने की बात कहते हुए भी अक्सर नजर आते हैं।